सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में बालकों को गर्मी व लू से बचाने के लिए सख्ती से पालना के दिए निर्देश
मुकेश पोटर/दिव्यांग जगत
दौसा – अप्रैल के अंतिम सप्ताह में तेज गर्मी की दस्तक के बाद अब सूर्यदेव के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं।इसे लेकर निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर ने सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में बालकों को गर्मी व लू से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी कर सख्ती से पालना के निर्देश दिए हैं।दरअसल,वर्तमान में मौसम परिवर्तन से गर्मी बढ़ने लगी है। 40 डिग्री से ऊपर गर्मी का असर स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। अत्यधिक तापमान से जुड़ी समस्याएं जैसे कि लू लगना और गर्मीजनित रोग बढ़ने लगे हैं। गर्मी व लू के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए स्कूलों को सजग व सावधान रहते हुए बालकों व अभिभावकों को जागरूक करने के साथ ही गर्मी व लू से बचाव के लिए पूर्व तैयारी व व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।बताया है कि कोई भी खेल प्रशिक्षण या ड्रिल अथवा कैंप भीषण गर्मी के दौरान खुले में नहीं कराए जाएंगे। स्कूलों में प्रार्थना सभा,असेंबली को छायादार या कक्षाओं में कम समय में आयोजित करने,बच्चों को भारी-भरकम स्कूल बैग से निजात दिलाने के लिए केवल जरूरी पुस्तकों को ही शामिल करने,स्कूल छुट्टी होने के बाद बालकों के बाहर निकलने के दौरान भी छाया व ठंडे पानी की व्यवस्था की जा सकती है।
वाहनों में रखना होगी प्राथमिक स्वास्थ्य किट
परिवहन के ऐसे साधन जो खुले हों व सीधे धूप के संपर्क में हों, ऐसे वाहनों से बच्चों का स्कूलों से परिवहन नहीं कराया जाए एवं वाहन चालकों को अपने वाहनों में प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार किट रखने के निर्देश दिए हैं।घर व स्कूल के बीच आवागमन के दौरान विद्यार्थियों को टोपी,गमछे से सिर ढंककर रखने की सलाह दी जाए।स्कूल बस,वैन में अधिक भीड़ नहीं होनी चाहिए। क्षमता से अधिक बालकों को लाने पर कार्रवाई की जाएगी।पीने का पानी उपलब्ध होना चाहिए।पैदल व साइकिल से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को सिर ढंककर रखने की सलाह दी है।