मुकेश वैष्णव / दिव्यांग जगत/ अजमेर
धुप के साथ खिसकते है विद्यालय के मासूम बच्चे
विद्यालय में कमरों की भयंकर कमी से एसडीएमसी, एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों में भारी रोष व गुस्सा
एक अक्टूबर 2021 से दो पारियों में शिक्षण कार्य कराने की एसडीएमसी, एसएमसी और अभिभावकों की मांग, अन्यथा एक अक्टूबर को होगी विद्यालय की तालाबंदी
जनवरी 21 से शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से दो पारियों में शिक्षण कराने की चल रही है मांग, मगर कुम्भकर्णी नींद सोया हुआ शिक्षा विभाग ने अब तक नही दिया कोई जवाब
अजमेर जिले के झड़वासा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को सरपंच भँवर सिंह गौड और एसएमसी अध्यक्ष देवकरण गुर्जर की अध्यक्षता में एसडीएमसी और एसएमसी की बैठक का आयोजन किया गया।
प्रधानाचार्य कौशल्या यादव ने बैठक के दौरान जिला परिषद से स्वीकृत रसोईघर का विद्यालय में निर्माण कराने, जिला प्रशासन द्वारा खेल मैदान की जमीन आवंटन करने, पुराने खेल मैदान की बाउंड्री और भामाशाह के सहयोग से विद्यालय में मुख्य प्रवेशद्वार के निर्माण की बात कही।
इस पर चर्चा के बाद सरपंच भँवर सिंह गौड , एसएमसी अध्यक्ष देवकरण गुर्जर , उपाध्यक्ष तेजमल जाट व एसडीएमसी और एसएमसी सदस्य हगामी लाल मोटिस, मांगीलाल जाट, शिवराज जाट, नारायण फारक ने प्राइमरी सेक्सन की तरफ पढ़ रहे छोटे मासूम बच्चों का निरीक्षण किया कि जो मासूम उबड़ खाबड़ जमीन पर धूप में पसीने से लथपथ पढ़ाई कर रहे थे।
कईं बच्चे भीषण गर्मी से परेशान होकर घर जाने के लिए रो रहे थे , यह हालत देखकर एसडीएमसी एसएमसी सदस्यों का मन पसीज गया और निर्णय लिया की एक अक्टूबर से दो पारियों में शिक्षण कार्य कराया जाय , ताकी बच्चे आराम से बैठकर पढ़ सके।
विदित है कि विद्यालय का बहुत बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राज मार्ग 79 की जद में आने से टुट गया । जिससे विद्यालय में कमरों की भारी कमी आ गई । और वर्तमान मे इस विद्यालय में करीब 720 बच्चों का नामांकन है । एक कमरे में 70 से 75 बच्चे ठुसाठुस बैठते है । अगर 10 मिनट भी लाईट बन्द हो जाये तो बच्चे पसीने से लथपथ हो जाते है । जिससे बच्चों को जुखाम होकर भयंकर बीमारी होने का अंदेशा बना रहता है।
सदस्यों ने बताया कि झड़वासा विद्यालय में जनवरी 21 से विद्यालय में दो पारियों में शिक्षण कार्य कराने की शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्रावली के जरिये मांग की जा रही है । मगर कुम्भकर्णी नींद सोये विभाग के अधिकारियों का अब तक कोई जवाब नही आया।
सरपंच भँवर सिंह गौड ने मंगलवार को निदेशालय बीकानेर ,अजमेर व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को मेल भेजा और एसडीएमसी , एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों ने पुरजोर मांग की की एक अक्टूबर से विद्यालय में दो पारियों में शिक्षण कार्य शुरू नही हुआ तो एक अक्टूबर को विद्यालय की तालाबंदी की जाएगी । जिसकी सारी जिम्मेवारी शिक्षा विभाग की होगी।
इनका कहना है
मैने विभाग के उच्चाधिकारियों को दो पारियों में शिक्षण कार्य के अवगत करा दिया है । जैसे ही स्वीकृति मिलेगी तुरन्त अमल से कार्य किया जाएगा।
कौशल्या यादव
प्रधानाचार्य झड़वासा
विद्यालय में बच्चों की संख्या ज्यादा और कमरों की कमी कारण शिक्षा विभाग को दो पारियों में शिक्षण कार्य तुरन्त एक अक्टूबर से आदेश करना चाहिए।
देवकरण गुर्जर
अध्यक्ष एसएमसी
विद्यालय में आज छोटे बच्चों को देखकर सब में गुस्सा है । शिक्षा विभाग को तुरन्त आदेश कर, दो पारियों में शिक्षण व्यवस्था करनी चाहिए । जिसके मांग की पत्रावली जनवरी 21 से चल रही और शिक्षा विभाग में अब तक कोई कार्रवाही नहीं हुई।
भँवर सिंह गौड
सरपंच झड़वासा