कंपनी लगातार अपने कामकाज में विस्तार कर रही है, जिससे हमें ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत होगी। यही वजह है कि चालू वित्तवर्ष में हमने फ्रेशर्स भर्ती करने का लक्ष्य बढ़ाकर 45 हजार कर दिया है।
देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस का सितंबर तिमाही में मुनाफा 12 फीसदी बढ़कर 5,421 करोड़ रुपये रहा। दूसरी तिमाही के नतीजों से उत्साहित कंपनी ने 2021-22 में 45 हजार फ्रेशर्स को नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। पहले यह आंकड़ा 35 हजार था।
इंफोसिस के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) प्रवीण राव ने बताया कि कर्मचारियों के नौकरियां बदलने की दर लगातार बढ़ती जा रही है। सितंबर में यह 20.1 फीसदी पहुंच गई, जो पिछले साल 12.8 फीसदी थी।
उन्होंने बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में कुल मुनाफा 11.9 फीसदी बढ़ा है, जो पिछले साल की समान अवधि में 4,845 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का राजस्व 20.5 फीसदी बढ़कर 29,602 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी को चालू वित्तवर्ष में राजस्व 17.5 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के सीईओ व एमडी सलिल पारेख ने बताया कि बोर्ड ने निवेशकों को 15 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लाभांश देने का फैसला किया है।
विप्रो का मुनाफा 17 फीसदी बढ़ा
आईटी कंपनी विप्रो के मुनाफे में भी सितंबर तिमाही में 17 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है। कंपनी ने बुधवार को बताया कि 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में कुल 2,930.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि में 2,484 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने सालाना राजस्व दर भी 75,300 करोड़ पार कर लिया है। विप्रो के सीईओ व एमडी थियरी डेलापोर्टे ने कहा, चालू वित्तवर्ष की पहली छमाही में सालाना आधार पर 28 फीसदी का इजाफा हुआ है। हमारा राजस्व भी 29.5 फीसदी बढ़कर 19,378 करोड़ रुपये रहा।