प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में खाता विभाजन को लेकर एसडीएम कोर्ट में 20 वर्षों से चल रहे वाद का आपसी समझाइश से करवाया निस्तारण
-नियामत जमाला-
भादरा, 24 नवंबर / प्रशासन गांवों के संग अभियान के अंतर्गत बुधवार को ग्राम पंचायत महराना में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में भादरा एसडीएम कोर्ट में पिछले 20 सालों से चले आ रहे बुधराम बनाम बीरबल अन्तर्गत धारा 88-188-53 आरटीएक्ट प्रकरण का शिविर प्रभारी एसडीएम श्रीमती शकुंतला चौधरी ने आपसी समझाइश से निस्तारण कर पक्षकारों को लाभान्वित किया। शिविर प्रभारी और एसडीएम भादरा श्रीमती शकुंतला चौधरी ने बताया कि प्रशासन गांवों के संग अभियान का प्रचार प्रसार सुनकर ग्राम पंचायत महराना में छह पीढ़ियों से विवादित प्रकरण के निस्तारण हेतु कुल 40 काश्तकार मौके पर पहुंचे। मौके पर सभी पक्षकारों के मध्य समझाइश की गई । समझाइश करने पर सभी पक्षकारों को सहमत करने में उन्हें सफलता मिली और मौके पर ही लगभग बीस वर्षों से चला आ रहा पुराना प्रकरण निस्तारित किया गया। रोही मौजा चक 1 बीबीएम, 9 एमआरएन व 4 एमआरएन में कुल 40 काश्तकारों के मध्य वाद भूमि में हिस्सा कस्सी व विभाजन को लेकर चल रहे विवाद को निस्तारित किया गया। एसडीएम ने बताया कि प्रकरण बुधराम बनाम बीरबल अन्तर्गत धारा 88-188-53 आरटीएक्ट का निस्तारण होने से न्यायालय ने एक ही वाद से काश्तकारों को कई प्रकार की राहत पहुंचाई है। खास बात ये भी कि शिविर में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती सुमित्रा खाेथ ने खुद के प्रयासों से रास्तों के भी करीब आधा दर्जन मामलों का आपसी समझाइश से निस्तारण करवाया। लाभान्वित हुए काश्तकारों ने शिविर में उपस्थित भादरा विधायक बलवान पूनियां, उपखण्ड अधिकारी श्रीमती शकुंतला चौधरी, तहसीलदार जय कौशिक व सरपंच ग्राम पंचायत महराना श्रीमती सुमित्रा खोथ का आभार व्यक्त किया। सभी पक्षकारों ने मुख्यमंत्री का प्रशासन गांवों के संग अभियान चलाने को लेकर आभार व्यक्त किया व कहा कि इससे 20 वर्ष पुराने प्रकरण का प्रशासन ने गांव में आकर निस्तारित किया। इसके लिए हम उपखंड प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। समझाइश करने पर ही हमारा विवाद खत्म हुआ है हम सभी पक्षकारान अब आगे से एक साथ ही रहेंगे तथा हमारे बीच अब किसी भी प्रकार का मनमुटाव नहीं रहेगा। काश्तकारों के चेहरे पर मुस्कान स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
फोटो- प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में मौजूद पक्षकार व अन्य