वंचित विद्यार्थी मित्रों की हुन्कार रैली कल जयपुर में

वंचित विद्यार्थी मित्रों की हुन्कार रैली कल जयपुर में

बेरोजगारी व सरकार की हठ धर्मिता के चलते 150 से अधिक वंचित विधार्थी मित्रों की आत्महत्या

सुखराम मीणा /दिव्यांग जगत

अलवर- राजस्थान वंचित विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ की कार्य कारिणी के शीर्ष नेतृत्व के तत्त्वधान मे 17 जून को जयपुर में महा आंदोलन एवं हल्ला बोल प्रदर्शन किया जाएगा इस प्रदर्शन में समस्त राजस्थान के सैकड़ो वंचित विद्यार्थी मित्रों द्वारा जयपुर कुच किया जायेगा!
प्रदेश अध्यक्षा यशवंत आमेटा ने बताया कि राजस्थान के करीब 6000-6500 वंचित विद्यार्थी मित्र जिन्होंने 2008 से 30 अप्रैल 2014 तक सरकारी विद्यालय में अल्प मानदेय मे राजकीय विद्यालयों मे 8-10 वर्ष कार्य किया था, जिसको पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा बिना किसी कारणों से बिना आदेशों से इनकी सेवा समाप्त कर दी गयी थी ! वर्तमान में कांग्रेस सरकार तमाम संविदा कर्मचारियों के लिए संविदा सेवा नियम -2022 बनाए गए हैं जिसमें राजस्थान के लगभग 6 हजार वंचित विद्यार्थी मित्रों को शामिल नही किया गया इस संदर्भ मे कल जयपुर मे शिक्षा मंत्री महोदय से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन देकर वंचित विधार्थी मित्रों की पीड़ा से अवगत करा कर इसके समाधान की माँग करेंगे! तथा वंचितो मे सर्वसम्मति से जयपुर में भारी संख्या में पहुंचने की सहमति बनी और कार्य कारिणी का स्पस्ट कहना है की अगर जरूरत पड़ी तो 17 जून को जयपुर में धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किया जाएगा एवं विधि सलाह भी ली भी जाएगी , यह जानकारी राजस्थान वंचित विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्षा यशवंत आमेटा व संयोजक रामेश्वर गुर्जर व समस्त वंचित विधार्थी मित्र कार्य कारिणी द्वारा दी गयी साथ ही प्रदेश अध्यक्षा का कहना है की सरकार के इस नकारामक रवैये से अब तक 156 वंचित विधार्थी मित्रों द्वारा बेरोजगारी के अवसाद से आत्महत्या कर ली गयी! जबकि कांग्रेस जन घोषणा पत्र में कहा गया था की विधार्थी मित्रों सहित समस्त संविदा कार्मिको को रोजगार प्रदान किया जायेगा, लेकिन सरकार राजस्थान के 6000 वंचित विधार्थी मित्रो को इसमें शामिल नही कर रही हैं जो सरासर अन्याय एवं नीति विरुद्ध है!

कौन है राजस्थान मे 6000-6500 से अधिक वंचित विधार्थी मित्र-

राजस्थान सरकार द्वारा सन 2006- 2007 में विद्यार्थी मित्र योजना लागू की गई थी ,जिसमें की राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों पर विधार्थी मित्रों की नियुक्ति की गई एवं उसके बाद 2014 को विधार्थी मित्रों को मौखिक आदेशों से हटा दिया गया एवं फिर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा आनन-फानन में पंचायत सहायक भर्ती 2017 निकाली गई जिसमें अनुभव को मान्यता दी गई थी लेकिन भाई भतीजावाद और भारी भ्रष्टाचार के चलते राजस्थान के लगभग 6000 से अधिक विद्यार्थी मित्र इस भर्ती में भाई भतीजावाद के चलते एवं राजनीति का शिकार होकर भर्ती से बाहर कर दिए गए गत 4-5 वर्षो से वंचित मित्र सरकार से लगातार रोजगार की मांग कर रहे हैं! इसमें से लगभग 150 से अधिक वंचित विद्यार्थी मित्रों ने बेरोजगारी के चलते आत्महत्याएँ कर ली है!

Author: admin

Comments (0)
Add Comment