जयपुर के श्याम नगर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, वशिष्ठ मार्ग पर विराजमान गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी की संघस्थ आर्यिका गुप्तिमती माताजी का मंगलवार को प्रातः 4 बजकर 10 मिनट पर देवलोक गमन हो गया। वर्ष 2010 गणिनी आर्यिका सुपार्श्वमती माताजी से राणा जी की नसियां, आगरा रोड पर छूल्लिका दीक्षा ग्रहण की थी और फरवरी वर्ष 2016 में बड़ के बालाजी में हुए पंचकल्याण के दौरान आचार्य वर्धमान सागर महाराज और गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी से आर्यिका दीक्षा ग्रहण की थी। इसके अतिरिक्त 23 जनवरी 2011 में मानसरोवर वरुण पथ पर संपन्न हुए पंचकल्याण के दौरान सुपार्श्वमती माताजी से 12 वर्ष का संलेखना व्रत धारण किया था।
प्रात: 9 बजे पूज्य गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी के सानिध्य एवं निर्देशन में आर्यिका गुप्तिमती माताजी की डोल यात्रा श्याम नगर दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ होकर आगरा रोड़ स्थित राणा जी की नसियां तक जयकारों के बीच निकाली गई। जहां पर जैन परंपराओं के अनुसार आर्यिका गुप्तिमती माताजी की अंतिम क्रिया संपन्न की गई। इस दौरान अंतिम यात्रा में समाज श्रेष्ठियों सहित अध्यक्ष निहालचंद पांड्या, कोषाध्यक्ष राजकुमार सेठी, राजकुमार पाटनी, बंसत बाकलीवाल, अभिषेक जैन बिट्टू, राजेंद्र बड़जात्या, अजीत पाटनी, मनोज जैन, आशीष गोधा, आशीष जैन चेतू, राजेश जैन, सर्वेश जैन, नरेंद्र पाटनी, संजय कासलीवाल सहित श्याम नगर, विवेक विहार, मानसरोवर, जनकपुरी आदि कोलोनियो के बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उमड़े और माताजी को नम आंखों से विदाई दी।