गौ माता की अंतिम विदाई अश्रुपूरित श्रद्धांजलि
पंडित पवन भारद्वाज दिव्यांग जगत
मुण्डावर क्षेत्र के ग्राम करनीकोट में आज गौ माता की अंतिम यात्रा राधा गोविंद मंदिर से हरि कीर्तन करते हुए निकाली गई।करनीकोट निवासी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरी माताजी सरस्वती देवी का स्वर्गवास होने के बाद से हमने वेद लक्षणों को माता गंगा मैया को अपनी मां समझकर सेवा की और गौ माता ने आज एक बार एक बार फिर मेरे परिवार की रक्षा करते हुए भाई की पीड़ा को अपने ऊपर लेते हुए अपने प्राणों की बाजी लगा दी सत्य की संसार में तीन मां होती है एक जन्म देने वाली मां एक दूध पिलाने वाली गो माता तीसरी पेट फाड़कर अनाज देने वाली धरती माता इन तीनों को माँ के रूप स्वीकार करता हुआ राष्ट्र वासियों से प्रार्थना करता हूं किसी भी रूप में गौमाता से जोड़ना ही चाहिए वर्तमान समय में लंबी बीमारी से पीड़ित गौ माताओं की सेवा के लिए प्रत्येक हिंदू को तत्पर रहना चाहिए कहीं ना कहीं मानवता पर आई विपत्ति को गौ माता ने अपने शरीर का धारण कर रखा है इसलिए हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि जहां कहीं भी हम पीड़ित गौ माता देखें उनकी सेवा अपनी मां समझ कर करें पंचगव्य के राजस्थान प्रभारी डॉ अनीता शर्मा ने बताया की आज हमारी गंगा मां गौ माता का गोलोक गमन हमारे लिए एक बहुत भारी क्षति है साथ ही उनका विधि विधान के साथ ग्राम वासियों की मौजूदगी में विदाई दी।ग्रामीणों ने गौमाता केअंतिम दर्शन कर ब्रह्मांड की समस्त दिव्य शक्तियों से प्रार्थना की गौ माता को अपने परमधाम गोलोक में आनंद पूर्वक विचरण करते हुए हम सब पर कृपा बनाए रखने की कामना की। सुरेंद्र शर्मा वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि आज हमने बहुत कुछ खोया है।