केकड़ी में एक अध्यापिका गंगा मीणा ने दुर्लभ बी नेगेटिव ब्लड डोनेट कर प्रसूता की बचाई जान
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । केकड़ी में रक्तदान को लेकर युवाओं के साथ महिलाओ में जागरूकता देखी गई है । मंगलवार को केकड़ी के राजकीय जिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला पेसेन्ट को अपने प्रसव के दौरान ब्लड की सख्त आवश्यकता हो रही थी और महिला का ब्लड बहुत ही दुर्लभ ग्रुप बी नेगेटिव का था जो कि राजकीय जिला अस्पताल के रक्तकोष में भी उपलब्ध नहीं था । रक्त आवश्यकता की सूचना रक्तदान जीवनदान नाम से बने व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की गई । जिसे पढ़कर रक्तदान अभियान से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता दिनेश वैष्णव ने अपने कांटेक्ट लिस्ट में एड बी नेगेटिव रक्त ग्रुप की गंगा मीणा से फोन पर संपर्क किया और रक्तदान करने का आग्रह किया । इस दौरान अध्यापिका गंगा ने अपना ब्लड डोनेट करने की सहमति प्रदान की । मैडम ने बताया कि मैं अभी विद्यालय की छुट्टी होते ही मैं राजकीय अस्पताल पहुंच जाऊंगी । अध्यापिका गंगा मीणा ने अपनी दैनिक राजकीय सेवा को पूर्ण करके तुरंत केकड़ी के ब्लड बैंक पहुंचकर अपना दुर्लभ बी नेगेटिव ब्लड डोनेट किया और अनजान गर्भवती महिला पैसेंट के जीवन बचाने में मददगार बनी । रक्तदान अभियान से जुड़े दिनेश वैष्णव ने बताया कि गंगा मीणा अपने 38 वर्षीय जीवन काल में अब तक सात बार अपना दुर्लभ बी नेगेटिव ब्लड डोनेट कर मानव जीवन को बचाने में मददगार बनी है । अध्यापिका गंगा मीणा धर्मपत्नी नरेंद्र मीणा जयपुर की निवासी है और वर्तमान में राजकीय विद्यालय पारा तृतीय श्रेणी अध्यापिका पद पर शैक्षणिक सेवाएं दे रही हैं । गंगा मीणा ने यह भी बताया कि जब तक ब्लड डोनेट करने का सामर्थ्य रहेगा अपना बी नेगेटिव करती रहेगी । उन्होंने बताया ये मेरा सौभाग्य है कि ईश्वर ने मुझे दुर्लभ रक्त का जीवन दिया है । जब जब भी जरूरत होगी मैं उसे डोनेट करती रहूंगी । अध्यापिका के इस मानव सेवा से अन्य सभी को भी प्रेरणा लेनी चाहिए कि जीवन में रक्तदान करने के लिए स्वेच्छा से आगे आना चाहिए । रक्तदान के दौरान केकड़ी के रक्तकोष विभाग के मुख्य प्रबंधक डॉ अभिषेक पारीक
, धर्मवीर चौधरी नर्सिंग ऑफिसर एवम सैयदा नाहिद लैब टेक्नीशियन ने रक्त संग्रहण में सहयोग प्रदान किया । प्रसूता के परिजनों ने अध्यापिका गंगा मीणा का इस अनुकरणीय सेवा के लिए आभार प्रकट किया ।