राजगढ़ मे कल्याण धणी मेले मे उमडा आस्था का सैलाब
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद के निकटवर्ती ग्राम राजगढ़ स्थित प्राचीन श्री कल्याणधणीजी महाराज के सालाना दो दिवसीय मेले का रविवार को विधीवत पुजा अर्चना कर शुभारंभ किया गया । कल्याण धणी मन्दिर महंत भानु पाराशर ने बताया कि मेले के मुख्य अतिथि राजगढ भैरवधाम के मुख्य उपासक चंपालाल महाराज ने मंदिर पर झंडा चढाकर व श्रीकल्याणधणीजी महाराज की विशेष पुजा अर्चना कर व रविवार को सुबह 9 बजे श्रीकल्याणधणीजी की शोभा यात्रा निकालकर मेले का विधीवत शुभारंभ किया । वहीं श्रीकल्याणधणीजी की शोभायात्रा मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाज़ार से होती हुई वापस श्री कल्याण जी के मंदिर में पहुंची। जहाँ शोभायात्रा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकल्याणधणीजी के दर्शन कर धर्मलाभ उठाया । वहीं श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकल्याणधणीजी के दर्शन कर खीर चूरमे, गुड चने व श्रीफल का भोग लगाकर घर परिवार में सुख स्मृद्धि की मंगल कामना की ।
मेले मे ठंडक के चलते लोगों ने जमकर मारे चटकारे
मेले मे पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुबह से चल रही बारीशी फुआरो से ठंडक के चलते मेले मे लगी चाट पकौडी, जलेबी कचौडी के जमकर चटकारे मारे । वही मेले महिलाओ व बच्चों ने मणिहारी व खिलौनो की दुकानों पर खरीदी करते हुऐ झूले चकरी का आनंद लिया ।
बारिश ने बिगाडी मेले की रौनक
राजगढ़ मे रविवार को भरे मेले के दौरान सुबह 7 से करीब 12 बजे तक चली रिमझिम बारिश व फुआरो ने जहाँ मेले को जमने नहीं दिया । वही जब मेला दोपहर बाद परवान चढने लगा तो शाम करीब साढे चार हुई वापस प्रारम्भ तेज बारिश ने मेले का माहौल बिगाड दिया । वही बरसात के चलते मुख्य बाजार मे मेले मे लगी दुकाने उठानी पडी । वही बारिश से जहा लोग घरो मे दुबक गये वही मेला देखने आऐ लोगो को बारिश से बचने के लिए इधर से उधर भागना पडा । जिससे मेले की रौनक बिगड गई।
मुख्य उपासक सेन का किया अभिनंदन
श्रीकल्याणधणीजी मेले के मुख्य अतिथि राजगढ़ मसाणिया भैरवधाम के मुख्य उपासक चंपालाल महाराज का रविवार को मुख्य बाजार स्थित प्रदीप मिनरल्स पर प्रदीप काबरा व हरिनिवास काबरा की ओर से 51 किलो फूलों की माला पहनाकर व साफा बंधवाकर अभिनंदन किया गया ।
शरद पुर्णिमा पर किया औषधिय खीर का वितरण
शरद पुर्णिमा पर रविवार की शाम को श्रीकल्याणधणीजी मेला कमेटी की ओर से चंद्रमा की रोशनी में खीर बनाकर रखी गई। जिसको रात्री 12 बजे के बाद भगवान के भोग लगाकर औषधिय खीर को प्रसाद के रूप मे ग्रामीणों को वितरण किया गया ।