मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
ढोली की उपजाति (ब्रह्म भाट) को अनुसूचित जाति मे सम्मिलित करवाने की मांग
अजमेर । गांवो मे निवास करने वाले ढोली समाज जो अपने यजमानों के सहारे अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करता है । इस समाज को सरकार द्वारा कोई सहयोग व सहायता नही मिल पा रही है । भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा राजस्थान के प्रदेश कार्य समिति सदस्य गजानन्द राव ने एक पत्र भूपेन्द्र सिंह यादव , श्रम एवं राज्य मंत्री , भारत सरकार , नई दिल्ली को भेजकर ढोली समाज को अनुसूचित जाति मे सम्मिलित कर उन्हें उनकी उप जाति ब्रह्म भाट से पहचान दिलाने की मांग की है । राव ने बताया कि उनकी जाति के अध्ययनरत छात्र एवं छात्राओ को विधालय एवं महाविद्यालय मे ढोली कह कर सम्बोधित किया जाता है । जिससे न केवल पढने वाले अपितू पूरे प्रांत के गांवो मे रहने वाले परिवारो को अन्य समाज भी हेय दृष्टि से देखता है । सरकार ने पूर्व मे अन्य जातियां जेसै चमार को बैरवा , जाटव , जटिया । बलाई / भांबी समाज को मेघवाल व मेघवंशी । रेगर जाति के साथ रेदास लगाया गया है । ऐसे ही हमारी जाति ढोली को उपजाति ब्रह्म भाट मे सम्मिलित कर अनुसूचित जाति सूची मे सम्मिलित करवाने की मांग सरकार से रखी है ।