Supreme Court Fined 60 Lakh Rs on Padmini Infrastructure: इस मामले में नोएडा (Noida) के एक प्रोजेक्ट में बिल्डर पद्मिनी इंफ्रास्ट्रक्चर (Padmini Infrastructure) ने 18 साल पहले वाटर सॉफ्टनिंग प्लांट, हेल्थ क्लब, स्विमिंग पूल, और फायर फाइटिंग सिस्टम के बिना ही प्रोजेक्ट को हैंडओवर कर दिया था.
- ‘बिल्डर्स के लिये सुप्रीम कोर्ट से आई बुरी खबर’
- अधूरे प्रोजेक्ट पर बिल्डर्स को देना होगा मुआवजा
- पूरे करने होंगे बायर्स से किए गए सभी वादे: SC
नई दिल्ली: देश के करोड़ों होम बायर्स (Home Buyers) के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत भरी खबर आई है. एक मामले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने आदेश दिया है कि अब अधूरे प्रोजेक्ट डिलीवर करने पर बिल्डर्स को मुआवजा देना होगा. कोर्ट ने ये भी कहा कि बिल्डर्स को बायर्स से किया गया हर वादा पूरा करना होगा.
RWA को देना होगा मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि बायर्स को किये गए वादे के मुताबिक प्रोजेक्ट के बुनियादी ढांचे में शिकायत और उसमें मौजूद सुविधाओं (जिनका वादा किया गया था) के बिना फ्लैट डिलीवर करने यानी प्रोजेक्ट के अधूरा होने की स्थिति में बिल्डर्स को RWA को मुआवजा देना होगा.
क्या था मामला?
दिल्ली से सटे गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के एक प्रोजेक्ट से जुड़े केस की सुनवाई अदालत में चल रही थी. इस मामले में बिल्डर पद्मिनी इंफ्रास्ट्रक्चर (Padmini Infrastructure) ने 18 साल पहले वाटर सॉफ्टनिंग प्लांट, हेल्थ क्लब, स्विमिंग पूल, और फायर फाइटिंग सिस्टम के बिना ही प्रोजेक्ट को हैंडओवर कर दिया था.
60 लाख का जुर्माना
इसी मामले में लंबे विवाद के बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने इंसाफ करते हुए बिल्डर कंपनी को RWA को 60 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है.