अलर्ट : बारिश में सर्पदंश से कैसे बचें, जानिए ये महत्वपूर्ण उपाय
सुखराम मीणा/दिव्यांग जगत
जयपुर- बारिश का मौसम शुरू होते ही सांपों के निकलने का सिलसिला शुरू हो जाता है। बिलों में पानी भरने और उमस के कारण सांप घरों में आ जाते हैं। बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं भी अधिक होती हैं। अधिकतर लोग सांपों से डरते हैं और इसी डर की वजह से सांपों को मार दिया जाता है,लेकिन सांपों की हमारे पर्यावरण में खास भूमिका है। वे बड़ी मात्रा में चूहों का भक्षण कर के फसलों को नुकसान से बचाते हैं। इसके अलावा सांपों के विष से कई जीवन रक्षक दवाईयां भी बनाई जाती हैं जो की मानवीय जीवन के लिए अति आवश्यक रूप से महत्वपूर्ण होती हैं।
सर्पदंश से बचाव व सावधानीया-
सांप हमेशा अपनी आत्मरक्षा में काटते हैं। आमतौर पर सांप इंसानों से दूर ही रहना पसंद करते हैं। कुछ बातों का ध्यान रख कर सर्पदंश की घटनाओं से बचा जा सकता है।
1.घरों में फालतू ,कचरा, कबाड़ा,लकड़ियां,पत्थर,घास, कंडे इत्यादि इकट्ठा न होने दें और न ही इन जगहों पर असावधानीपूर्वक हाथ डालें क्योंकि यह सांपों के छिपने के उपयुक्त स्थान हैं।
2.यदि घर में कोई बिल या दरार दिखाई दे तो उसे फौरन बंद कर दें ताकि कोई सांप इनमें आश्रय न ले सके।
- रात को जमीन पर सोने से बचें क्योंकि सांप धरती पर रेंगते हैं और नीचे सोए हुए व्यक्ति को आसानी से काट सकते हैं।
- यदि घर के दरवाजों के नीचे गैप है तो उसको कपड़े या डोर सील से बंद कर दें। अक्सर घरों में सांप दरवाजों के नीचे से ही अंदर आते हैं।
- अगर घर में सांप निकल आए तो उसको मारने की कोशिश न करें, क्योंकि सर्पदंश की कई घटनाएं सांप को मारने या पकड़ने की कोशिश में होती हैं।
- सांप निकलने पर किसी सर्प विशेषज्ञ को बुलाएं।
विशेष रूप से ध्यान रखने योग्य बात-
सर्पदंश होने पर डसे गए स्थान के थोड़ा ऊपर डोरी या कपड़ा मध्यम दबाब के साथ बांध दें। घाव पर चीरा न लगाएं और मरीज को फौरन हॉस्पिटल लेकर जाएं। झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। याद रखें सर्पदंश का एकमात्र सही इलाज ‘एंटी स्नेक वेनम’ का इंजेक्शन है।