राजगढ धाम पर हुआ अखण्ड़ ज्योति का समापन

राजगढ धाम पर हुआ अखण्ड़ ज्योति का समापन

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । नसीराबाद क्षेत्र के ऐतिहासिक एंव धार्मिक स्थल श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर चल रहे चैत्र नवरात्रा महोत्सव के समापन में बाबा भैरव व माँ कालिका के जयघोष के साथ मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की पूजा-अर्चना कर बाबा भैरव व माँ कालिका की आरती की गई। चम्पालाल महाराज द्वारा चैत्र नवरात्रा महोत्सव मे एकम से दशम तक चली अखण्ड ज्योति का प्रातःकाल चम्पालाल महाराज के सानिध्य में विधिवत समापन किया गया। राजगढ धाम की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ किसी भी प्रकार का दान, चन्दा, चढावा, गुप्तदान, रूपये पैसे, पूजा सामग्री आदि स्वीकार नही की जाती है। पंजाब से आये भक्तो ने चम्पालाल महाराज का पंजाब प्रान्त की पगडी व तलवार भेट कर स्वागत किया व बाबा ,माँ कालिका के झंड़ा चढाया गया। समापन के पश्चात धाम पर श्रद्धा ओर आस्था से आये हुए सभी श्रद्वालुओ को बाबा भैरव ने अपने कर कमलो से सभी को दशम तक चली अखण्ड ज्योति की विशेष रामबाण ओषधी रूपी चमत्कारी चिमटी (भभूत) का वितरण किया गया उसके बाद सभी श्रद्वालुओ ने सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की विशेष परिक्रमा कर बाबा भैरव से मन्नत मांगी। धाम पर यह अखण्ड़ ज्योति निरन्तर 24 घण्टे चलती रही जो कि लगातार 9 दिनो तक प्रज्जवलित रही। इस अखण्ड़ ज्योति की विशेषता यह है कि जिस पात्र में इसको प्रज्जवलित किया जाता है उसमे हजारो नारियल की संख्या में नारियल की चिटक, कई पीपे तेल के व धूप हवन सामग्री ड़ालने पर भी यह पात्र कभी भरता नही है। इस अखण्ड़ ज्योति के दर्शन मात्र से ही आये हुए सभी श्रद्वालुओ के रोग कष्ट बाधाएँ आदि दूर हो जाती है। कोराना काल से भैरव बाबा के गर्भ गृह के दर्शन भक्तो को लाईव टीवी के माध्यम से हो रहे थे ,लगभग 2 वर्ष बाद सभी श्रद्धालुओ को बाबा भैरव के गर्भ गृह के दर्शन करने का मोका भी मिला जिसके कारण सभी श्रद्धालुओ में खुशी का माहौल नजर आ रहा था। चैत्र नवरात्रा महोत्सव की सुचारू व्यवस्था संभालने के लिए व्यवस्थापक ओमप्रकाश सेन, अविनाश सेन, केप्टन मुकेश सेन, रमेश सेन, राहुल सेन, सागर सेन, कैलाश सेन के साथ श्रीनगर सरपंच दिलीप राठी, नान्दला सरपंच मान सिंह, कुलदीप मेघवशी, सलीम, सुरेन्द्र गर्जुर, देवेन्द्र गुर्जर, राजू गुर्जर, पूर्व सरपंच श्रीकिशन गुर्जर, प्रकाश रांका, पदमचन्द जैन, दिनेश सेन, कमलेश सुनारीवाल, कपिल, यश, मिलन, युवराज, वैभव, भव्य, मिताली, वंशिका, बुलबुल, मनीष, दीपक, सुरेश गुर्जर ,भूपेन्द्र, त्रिलोक, आदि का योगदान महत्वपूर्ण रहा। धाम पर समापन के दौरान भजन संध्या का भी आयोजन हुआ जिसमें भजन गायक ज्योती सैनी, ममता सोनी, कृष्ण गोपाल व नरेश दगदी द्वारा भैरव नाथ और मा कालिका के मधुर भजनो की प्रस्तुतियाँ दी। कलाकारो ने भजनो के माध्यम से श्रद्धालुओ को मन्त्र मुग्ध कर दिया माता और बाबा भैरव के सुन्दर भजनो पर भक्तगण जमकर नाचे व भजन संध्या का आनन्द लिया ।

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