राजगढ़ धाम पर कोरोना गाईड़लाईन पालना करते हुए दिया प्रवेश

मुकेश वैष्णव /दिव्यांग जगत/अजमेर

राजगढ़ धाम पर कोरोना गाईड़लाईन पालना करते हुए दिया प्रवेश

भैरव धाम पर हर रविवार को रहती है भक्तों की भीड

अजमेर । क्षेत्र के विख्यात भैरव धाम राजगढ़ पर रविवार को सरकार द्वारा जारी की गई न‌ई गाइडलाइन की पालना सख्ती के साथ करवाते हुए श्रद्धालुओं को दो गज के सोशल डिस्टेन्सिग के साथ हाथोें को सेनेटाइजर कर प्रवेश दिया गया। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना के नए वेरियंट ओमीक्रॉन और कोरोना की तीसरी लहर के खतरों से अब राजस्थान भी अछूता नहीं रहा है। जिन श्रद्धालुओं के पास मास्क नहीं था उन्हें श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में निशुल्क मास्क वितरण किया गया । तत्पश्चात ही श्रद्धालुओ को मास्क लगाने पर ही प्रवेश दिया गया। श्रद्धालुओं के टेम्परेचर तथा वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को भी जांचा गया। शनिवार व रविवार को श्रद्धालुओं के आने से पूर्व व जाने के बाद पूरे मंदिर परिसर को सेनेटाइजर किया गया।
राजगढ़ धाम का नारा, स्वस्थ रहे हिन्दुस्तान हमारा – चम्पालाल महाराज
धाम के उपासक चम्पालाल महाराज ने उन सभी श्रद्धालुओं को जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है,वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। महाराज ने राजगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना वैक्सीनेशन लगवाने का आहवान करते हुए दोनों हाथ ऊपर उठवाकर ‘कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवाना है’ का संकल्प दिलाकर प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने कोरोना के खतरों से आगाह करते हुए श्रद्धालुओं से कहा कि कोरोना से घबराना नहीं है बल्कि सावधानी बरतते हुए चिकित्सक व सरकार द्वारा बताए गए नियमों की पालना करते हुए स्वयं तथा परिवार को कोरोना से बचाना है। धाम पर मनोकामनापूर्ण स्तम्भ के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर लगाए गए चिकित्सा शिविर में कोविड-19 की वैक्सीनेशन का कार्य बड़े जोर-शोर से किया गया था। दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना की तीसरी लहर के खतरों की खबरों के मद्देनजर श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान व चम्पालाल महाराज के सान्निध्य में देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं के साथ वैक्सीन जागरूकता रैली भी निकाली थी। धाम पर श्रद्वालुओं के साथ व्यवस्थापक ओमप्रकाश सेन, रमेश सेन ,अविनाश सेन, राहुल सेन , पदमचन्द जैन,सुरेश खण्ड़ेलवाल, शंकर मिस्त्री,दीपक बसीटा,सुरेश गुर्जर ,पुनित, कमल, रामप्रसाद जाग्रत,कमल सुनारीवाल, आदि व्यवस्थाओं को सम्भालने के लिये मोजूद रहे ।

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