मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। सरवाड के समीप ग्राम जावला में मंगलवार अलसुबह पशुओं का गोबर रोड़ी में डाल कर हाथ धोने गई एक महिला पैर फिसलने से डाई नदी के बहाव में बह गई। रास्ते से निकल रही महिला ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। डाई नदी में रामघणी पत्नी पूरण जाट निवासी जावला के बहने की सूचना पर पूरा जावला सहित आस पास के गांवों से लोग उमड़ पड़े। मौके पर उपखंड अधिकारी सुभाष चंद हिमानी, पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा, सरवाड़ थाना अधिकारी गिरिराज सिंह, सरपंच कंचन देवी, पूर्व प्रधान कैलाश मेघवंशी सहित अधिकारीयो ने मौके पर पहुंच कर जानकारी ली।करीब 9 बजे एस पी आर एफ, एन डी आर एफ की टीमें पहुंची तथा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दुर्घटना का मुख्य कारण नदी पर बन रहा मेजर ब्रिज है जो कि एक साल से कछुआ चाल से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 7 दिन से रास्ता बंद है उप मार्ग तैयार नहीं होने से ग्रामीणों को बहुत परेशानी हो रही है। जावला के ग्रामीणों के अनुसार उपमार्ग तैयार नहीं होने से नदी के दूसरी तरफ खेत में काम करने के लिए जाने वालो को परेशानी हो रही है , साथ ही स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी बंद पड़ी है। ग्राम के दक्षिणी भाग के बच्चे ही स्कूल जा रहे हैं जिससे ग्राम जावला के बच्चों का भविष्य अंधकार में हो रहा है। ब्यावर गोयला स्टेट हाइवे होने से वाहन चालकों को भी वाया सातोलाव होकर ही सरवाड़ केकड़ी के लिए जाना पड़ रहा है। उक्त सड़क केवल जावला डाई नदी पर बन रहे मेजर ब्रिज निर्माण की शिथिलता की वजह से बंद है। निर्माणकर्ता फर्म अपनी कछुआ चाल से पुलिया निर्माण कार्य कर रही है जो कि काफी दिनों से बंद है। उपमार्ग बनाने में भी पानी निकासी के लिए आवश्यकता से कम पाइप लगाने की लापरवाही बरतने से थोड़ी सी बरसात से ही उपमार्ग के ऊपर होकर पानी निकल जाता है और वापस 8 दिन तक मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। समाजसेवी समद मंसूरी ने बताया कि उक्त सड़क से लगभग 20 गांवों का सरवाड़, केकड़ी वाया गोयला संपर्क कर जाता है। क्षेत्र वासियों ने केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम को दूरभाष पर संपर्क कर उपमार्ग में आवश्यकता के अनुसार पाइप लगवा कर उपमार्ग को जल्द चालू करवाने की मांग की है , जिससे आवागमन सुगम हो सके। वहीं अभी तक महिला का कोई पता नहीं चला है ।