मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार जिला परिषद सभागार, अजमेर में स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब (स्कूल इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब- ईएलसी) से संबंधित अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजकीय उच्च अध्ययन शिक्षण संस्थान अजमेर के प्रोफेसर डॉ राकेश कटारा ने बताया कि ईएलसी गतिविधियों को प्रबल कार्यक्रम, ईको क्लब कार्यक्रम, गार्गी मंच, नो बैग डे , प्रार्थना सभा आदि के साथ ज्यादा से ज्यादा प्रभावशाली तरीके से कैसे संचालित किया जा सके। जिला समन्वयक स्वीप रामविलास जांगिड़ ने बताया कि हर एक मतदाता बिना किसी लोभ, बिना किसी लालच और बिना किसी प्रलोभन के अपना मतदान विवेकपूर्ण तरीके से कर सके इसके लिए ईएलसी की गतिविधियों को आवश्यक रूप से करने के बारे में बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में एस .आई . आर के परिप्रेक्ष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों व निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता का प्रसार करना और छात्रों में मतदाता साक्षरता एवं जागरूकता की भावना विकसित करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम राम प्रकाश मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् एवं जिला स्वीप नोडल अधिकारी के निर्देशन में हुआ। प्रशिक्षण में अधिकारियों ने स्कूल ईएलसी के गठन, नामांकन प्रक्रिया, ईएलसी एग्जीक्यूटिव कमेटी की संरचना तथा ऑनलाइन मॉनिटरिंग रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
प्रधानाचार्य प्रशिक्षक उमाशंकर शर्मा ने जिला निर्वाचन अधिकारी अजमेर के द्वारा संचालित विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स को ज्यादा से ज्यादा फॉलो करने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में सक्रिय ईएलसी क्लब बनाकर छात्र-छात्राओं को मतदाता बनने की प्रक्रिया, निर्वाचन की पारदर्शिता और मतदान के महत्व से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि प्रत्येक विद्यालय में स्कूल ईएलसी नोडल अधिकारी नामित किए जाएं जो क्लब की सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग करें और मासिक रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें। इन सबका उद्देश्य नैतिक और विवेकपूर्ण मतदाता तैयार करना है। डा. समीक्षा वर्मा ने मैं करूं मतदान तुम करो मतदान से संबंधित विचारों को समझाया। साथ ही प्रतिभागियों को यह निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में मतदाता शिक्षा आधारित वीडियो, स्टोरी स्क्रॉल्स, ऑडियो-विजुअल सामग्री और पोस्टर अभियान चलाए जाएं ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी और समुदाय के सदस्य निर्वाचन प्रक्रिया से अवगत हों। कार्यशाला में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब और ईसीआई वेबसाइट के माध्यम से भी गतिविधियों को साझा करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षक रामप्रसाद ने मतदाता से संबंधित फार्म संख्या 6,7 व 8 के बारे में समझाया और यह बताया कि विद्यालयों में शाला दर्पण के माध्यम से उनकी पूर्ति कैसे की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से विद्यालय स्तर पर मतदाता साक्षरता अभियान को नई गति मिलेगी और भविष्य के मतदाता अधिक सजग, जागरूक और जिम्मेदार बनेंगे। इस कार्यशाला में अजमेर जिले के ब्लॉक अजमेर ग्रामीण, अजमेर शहर, श्रीनगर एवं पीसांगन के विभिन्न राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 260 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया।