ढाई साल बाद मिला दिव्यांग को न्याय,कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा
बर्बरता – दिव्यांग मूक-बधिर से रेप के आरोपियों को 20-20 साल की शख्त सजा
साथ है कोर्ट ने 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया
दिव्यांग जगत न्यूज़ एजेंसी
बूंदी-
बूंदी में पोक्सो कोर्ट ने करीब ढाई साल पुराने रेप के केस में 2 आरोपियों को दोषी करार दिया है और उनको 20-20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में अभियोजन की ओर से 17 गवाह और 30 डॉक्युमेंट कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बहस और सबूतों के आधार पर आरोपियों को सजा सुनाई है।

करीब ढाई साल पुराना है मामला –
विशिष्ठ लोक अभियोजक महावीर मेघवाल ने बताया कि मूक बधिर पीड़िता के पिता ने गेंडोली थाना में 23 फरवरी 2020 को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया था कि उनकी बेटी पड़ोस में रसोई के कार्यक्रम में गई थी। इस दौरान डीजे पर नाचते समय आरोपी लालाराम (28) पुत्र हिरालाल मीणा निवासी बाटोदा (सवाई माधोपुर) और मुनेश (24) पुत्र नंदकंवरा बैरवा निवासी सपोटरा (करौली) हाल बाटोदा (सवाई माधोपुर) उसे बहला-फुसलाकर पड़ोसी के घर पर ले गए और उसके साथ रेप किया। लोक अभियोजक ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्राथमिकता के आधार पर पुलिस ने ऑफिसर स्कीम के तहत दिलाई आरोपियों को सजा –
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेकर केस ऑफिसर स्कीम में रखा। गेंडोली थानाधिकारी मुकेश कुमार ने चार्जशीट पेश करने के साथ ही जल्दी से गवाहों के बयान करवाए। अब कोर्ट ने गवाहों और पेश सबूतों के आधार पर अभियुक्त लालाराम मीणा व मुनेश बैरवा को दोषी करार देते हुए 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई है और 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

