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केकड़ी में आयोजित प्रथम आदर्श निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर। श्री वैष्णव बैरागी (च.स.) छात्रावास समिति, केकड़ी के तत्वाधान में प्रथम आदर्श निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन का भव्य आयोजन शुक्रवार, 1 मई 2026 को प्रेम मैरिज गार्डन, अजमेर-जयपुर बाईपास (पानी की टंकी के पास) में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
सम्मेलन समिति के अध्यक्ष सीताराम वैष्णव डाबर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम उपस्थित रहे। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा सभी 11 जोड़ों को सिलाई मशीन भेंट की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में श्याम सुंदर वैष्णव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, वैष्णव महासभा शिक्षा निधि, हरिद्वार) ने कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं भामाशाह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अशोक स्वामी (प्रांतीय अध्यक्ष, जयपुर), श्योजी राम (गौरवधनपुरा), एस.पी. वैष्णव (गोविंदपुरा), श्रवण वैष्णव (अजमेर), राधेश्याम वैष्णव (ताजपुरा), रामस्वरूप वैष्णव (सराधना), सत्यनारायण रामावत (पुष्कर), उमाशंकर (बिजौलिया), कैलाश वैष्णव (ब्यावर) एवं नसीराबाद समिति अध्यक्ष रामस्वरूप वैष्णव दिलवाडी, कैलाश वैष्णव (नांदला) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नसीराबाद, धानेश्वर, गुलाबपुरा, विजयनगर, चौमालीसा, प्रथम एवं द्वितीय समितियां, सरवाड़, जल सेवा समिति, धर्मशाला समिति डिग्गी, भिनाय समिति, केकड़ी महासभा एवं युवा संगठन केकड़ी सहित आसपास की सभी समितियों ने तन, मन और धन से सहयोग दिया।
मीडिया प्रभारी परमेश्वर टीलावत के अनुसार, इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 11 जोड़ों का विवाह निःशुल्क एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। समाज बंधुओं ने कन्यादान कर नवदंपत्तियों को उदारतापूर्वक उपहार भेंट किए।
कार्यक्रम की शुरुआत 30 अप्रैल को प्रातः ध्वजारोहण एवं गणेश स्थापना के साथ हुई, जबकि शाम को भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया।
समिति सचिव रामधन वैष्णव ने बताया कि 1 मई की सुबह सभी 11 बारातें सम्मेलन स्थल पर पहुंचीं। इसके पश्चात बिजासन माता मंदिर से भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई, जो सरसडी गेट, खिड़की गेट, घंटाघर और जूनिया गेट होते हुए सम्मेलन स्थल पहुंची। शोभायात्रा में वैष्णव चार संप्रदाय के ध्वज अग्रभाग में रहे, दूल्हे घोड़ी पर एवं दुल्हनें बग्गी में सवार होकर बैंड-बाजों के साथ निकलीं।
सम्मेलन स्थल पर तोरण एवं वरमाला कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसके बाद विद्वान पंडितों के सानिध्य में पाणिग्रहण संस्कार संपन्न कराए गए। दिनभर प्रतिभोज का आयोजन चलता रहा। कार्यक्रम के दौरान समाज के भामाशाहों का सम्मान भी किया गया।
अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों की विदाई समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन की विशेषता यह रही कि सभी 11 जोड़ों को भामाशाहों द्वारा प्राप्त उपहार सामग्री भेंट की गई।
समिति ने इस आयोजन को समाज में एकता, सहयोग एवं सादगीपूर्ण विवाह परंपरा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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