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आंदोलन को कुचलने का कार्य मुकदमा दर्ज कर किया जा रहा है जिसकी सर्व समाज एवं रावत समाज निंदा करता है।

देरांठू का पिंटू रावत हत्याकांड

आंदोलन को कुचलने का कार्य मुकदमा दर्ज कर किया जा रहा है जिसकी सर्व समाज एवं रावत समाज निंदा करता है।

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । 9 अक्टूबर को देरांठू मे हुऐ पिंटू रावत हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उचित मुआवजे की मांग को लेकर नसीराबाद एलआईसी ऑफिस के सामने विधायक गण, जनप्रतिनिधि गण , सर्व समाज से पधारे लगभग तीन से चार हजार लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर नसीराबाद पुलिस सदर थाने के सामने दोषियों को गिरफ्तार करो के नारे लगाते हुए , उपखंड अधिकारी नसीराबाद को ज्ञापन सौंपा था । ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष रावत महासभा राजस्थान डॉक्टर शैतान सिंह रावत के नेतृत्व में सौंपा गया था । जिसमे पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत , नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा , पूर्व विधायक राम नारायण गुर्जर , पूर्व विधायक महेंद्र गुर्जर, शक्ति सिंह रावत सरपंच केसरपुरा महामंत्री प्रदेश सरपंच संघ राजस्थान, जसवीर सिंह हिंदू क्रांति सेना जिला अध्यक्ष, धर्मेंद्र सिंह रावत आरएलपी जिलाध्यक्ष, कान सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष ज्ञान सिंह रावत, सरपंच मान सिंह रावत, कानाखेड़ी सरपंच प्रतिनिधि जयसिंह रावत, सोहन सिंह बीर सरपंच, ज्ञान सिंह रावत सरपंच प्रतिनिधि भवानी खेड़ा, सरपंच हरचंद राजोरिया, रावत सेना संयोजक महेंद्र सिंह रावत, लीडी सरपंच प्रतिनिधि रामदेव डिया, देरांठू सरपंच विजेंद्र सिंह राठौड़ , रासासिंह रावत जिला परिषद सदस्य, अर्जुन सिंह रावत ग्रामीण प्रधान प्रतिनिधि आदि सहित सर्व समाज के जनप्रतिनिधि , बुजुर्ग , महिलाएं , युवा नौजवानो ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया था । इसके बाबजूद भी बावजूद भी नसीराबाद सदर थाना पुलिस द्बारा कुछ रावत समाज के व्यक्तियों पर भड़काऊ भाषण देने एवं भीड़ एकत्रित कर नारेबाजी करने के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शक्ति सिंह रावत प्रदेश महामंत्री सरपंच संघ राजस्थान ने बताया कि आंदोलन की आवाज को दबाने के लिए मुकदमे दर्ज किए हैं । सर्व समाज जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं कर ली जाएगी तब तक आंदोलन किया जाएगा । यह भी ध्यान में आया कि मृतक पिंटू रावत के परिवार के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसको लेकर समाज एवं क्षेत्र में काफी आक्रोश का माहौल है। जहां न्याय की गुहार लगाने गए वहां मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस के द्वारा संदेश दिया जाता है कि आमजन में विश्वास अपराधियों में भय, यह उल्टा साबित हो रहा है । अपराधियों की जगह आमजन में भय का माहौल बना कर प्रशासन द्वारा आवाज को दबाने का कार्य कर रही है। यह न्यायोचित नहीं है। न्याय की मांग के लिए आगे भी आंदोलन किया जाएगा। जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक सर्व समाज में भारी आक्रोश का माहौल है। आंदोलन के आगे 10 अक्टूबर को बाकी स्वतंत्र गवाहों के बयान लिए गए हैं। इससे यह साबित होता है कि प्रशासन का जांच के प्रति प्रगति धीमी रहने की वजह से ही समय लग रहा है । जिसको लेकर आंदोलन करने की जरूरत पड़ी। कल 11 अक्टूबर को प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर शैतान सिंह के नेतृत्व में बैठक कर आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा।

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