देरांठू का इंदिरा रसोई घर का पीछे का हिस्सा बीस फिट पानी में
देरांठू का इंदिरा रसोई घर का पीछे का हिस्सा बीस फिट पानी में
आठ रुपये में स्वादिष्ट पौष्टिक भोजन बन सकता है परेशानी का सबब
सिनियर विधालय का खेल मैदान भी पानी से लबालब
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । मुख्य मंत्री अशोक गहलोत की पहल पर ग्रामीण क्षेत्र में भी जन कल्याणकारी योजना के तहत नसीराबाद के निकटवर्ती देरांठू ग्राम पंचायत क्षेत्र में इंदिरा रसोई घर संचालित किया जाना है। जिस पर ग्राम पंचायत देरांठू ने चौराहे पर करीब दस बरस पहले यात्रियों के विश्राम के लिए बनाई गई विश्राम स्थली भवन की रंगाई पुताई कराकर आनन फानन में इस भवन पर इंदिरा रसोई ग्रामीण देरांठू का साईन बोर्ड लगाकर रसोई घर चालू करना चाह रही है।
“कोई भी भूखा न सोए” मुख्यमंत्री के संकल्प को साकार करनें के लिए जरूरतमंद लोगों को 8 रूपये में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन वितरण की तैयारी की थी।
हालांकि ये इंदिरा रसोई फिलहाल चालू नहीं हुई है पर भोजन पकानें एवं वितरण के लिए इस भवन का चयन किया गया । अभी वर्तमान मे विश्राम भवन पीछे से करीब बीस फिट पानी में डूबा हुआ है। वही मुख्य रोड पर बने रखे इस भवन के खुले गेट पर एक साईन बोर्ड लगाकर इस भवन में अब इंदिरा रसोई शुरू की जा रही है। पानी के भराव क्षेत्र में संचालित की जा रही ये इंदिरा रसोई चालू होनें से पहले ही अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। इस भवन के सटाकर ही मुख्य चौराहे की रपट में भारी मात्रा में पानी की आवक लगातार हो रही है । कई दिनों से रोड पर पानी लबालब भरा हुआ है । ऐसे में ये भवन कभी भी धराशायी हो सकता है । जिससे सदैव जनहानि की सम्भावनायें बनी रहेगी। उधर सुबह साढे आठ बजे से दोपहर दो बजे तक एवं
शाम पांच बजे से रात्रि आठ बजे तक भोजन बनवाकर वितरण करानें हेतु ग्राम पंचायत इसी भवन में इंदिरा रसोई चालू करने की तैयारियां कर चुकी है।
इस मामले को लेकर वार्ड पंचों एवं ग्रामीणों में खासी नाराजगी पनपती जा रही है। देरांठू उप सरपंच सुरेन्द्र नायक सहित अन्य वार्ड पंचों नें ये इंदिरा रसोई कोटा रोड देरांठू बामणियां बालाजी चौराहे पर बनवानें का प्रस्ताव दिया था , पर इनकी इस वाजिब मांग को दरकिनार कर दिया गया। ऐसे में ये इंदिरा रसोई घर शुरू होनें से पहले ही विवादों से घिर गई है। तालाब नुमा पानी में डूबे इस भवन के आस पास जानें से भी आमजन कतराता है । ऐसे में इस रसोई के पौष्टिक भोजन का लाभ आमजन को नही मिल सकेगा ओर भोजन की बरबादी होना तय मानी जा रही है।
देरांठू के पूर्व सरपंच शैतान माली ने बताया कि ग्रामीणों व राहगीरों की सहूलियत के लिए ये विश्राम स्थली भवन करीब दस बरस पहले प्रधान फंड एवं जिला परिषद फंड के फंड से बनवाया था । इस भवन में इंदिरा रसोई घर संचालित किया जाना उचित नहीं है। उधर मुख्य नसीराबाद रोड आज तक पानी में डूबा हुआ है। इस रपट के पानी की निकासी के रास्ते पर अतिक्रमण कर बनाई गई दीवार की वजह से सड़क पर पानी लबालब भरा हुआ है , जिसके कारण देरांठू मुक्ति धाम भी पानी में डूबा हुआ है।


