कथावाचक व्यास लश्मीकांत ने कहा कि किसी वस्तु के मिलने के साथ जीवन का मूल उद्देश्य होना चाहिए । सांसारिक कार्य करने के बाद पश्चाताप हो सकता है,
कथावाचक व्यास लश्मीकांत ने कहा कि किसी वस्तु के मिलने के साथ जीवन का मूल उद्देश्य होना चाहिए । सांसारिक कार्य करने के बाद पश्चाताप हो सकता है,
पंडित पवन भारद्वाज /दिव्यांग जगत
अलवर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जिसमे कथा व्यास लक्ष्मीकांत शास्त्री एवं यज्ञाचार्य अरविंद शास्त्री संदीप गौड़ आज कथा के बीच गोवर्धन पूजा कराई जाएगी। कथा के बीच वरिष्ठ पत्रकार पप्पू शर्मा जी मंडावर से पधारे एवम कथा का आनन्द लिया
लेकिन ईश्वरीय भक्ति साधना ध्यान और परोपकार के बाद पश्चाताप नहीं आनंद और आत्म संतोष की अनुभूति महसूस होती है । उन्होंने कृष्णा केचरित्र का प्रसंग सुनाते हुए कृष्ण सुदामा की मित्रता का बखान किया । पंडाल में मौजूद सभी श्रद्धालु पुष्प वर्षा कर नृत्य किया । साथ ही गोवर्धन पुजा कराई झांकी का आशीर्वाद लिया । इसके बाद प्रभु को भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया ।


