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6 महीने तलाश कर 18 पुलिसकर्मी जिसे पकड़कर लाए, उस कुख्यात अपराधी को कोर्ट से 15 मिनट में मिल गई जमानत

6 महीने तलाश कर 18 पुलिसकर्मी जिसे पकड़कर लाए, उस कुख्यात अपराधी को कोर्ट से 15 मिनट में मिल गई जमानत

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । राजस्थान पुलिस के थानाधिकारी समेत 18 जवान छह महीने की मशक्कत के बाद जिस कुख्यात अपराधी को पकड़कर लाए, उसे न्यायालय में पेश करने पर महज 15 मिनट में जमानत पर रिहाई मिल गई. रिहाई से पहले एसपी ने इस हार्डकोर बदमाश को पकड़ने वाले जवानों की हौसला अफजाई की अनुशंसा का एलान किया था , इतना ही नहीं, पुलिस ने पूछताछ में कई अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना भी जताई थी । लेकिन पूछताछ से पहले ही आरोपी को जमानत मिल गई ।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं 61 केस
मामला अजमेर जिले के ब्यावर शहर का है. शुक्रवार दोपहर अजमेर एसपी चुनाराम जाट ने कुख्यात बदमाश मोखम सिंह की गिरफ्तारी का खुलासा किया । अजमेर जिले के टॉप 10 बदमाशों की सूची में मोखम का नाम पहले नंबर पर है । यह सक्रिय हार्डकोर अपराधी है, जिसके खिलाफआर्म्स एक्ट, चोरी, हत्या व अन्य गंभीर अपराधों के 61 मुकदमे दर्ज हैं । ब्यावर सदर थाना क्षेत्र के गांव लसानी प्रथम में रहने वाला 43 वर्षीय मोखम सिंह मेहरात पुत्र साबिर मेहरात बड़ा ही शातिर व चालाक किस्म का है जो लगातार पुलिस को चकमा देकर भागने में माहिर है । भीम, ब्यावर व अजमेर जेल से फरार भी हाे गया था ।
दीवार फांदकर भागने में रहा नाकाम
एसपी ने बताया कि, ब्यावर सदर थाना पुलिस टीम ने इसे अजमेर से गिरफ्तार किया । आरोपी ने पुलिस टीम को देख दीवार फांदकर भागने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने पीछा करते हुए आनासागर झील के पास झाड़ियों से धर दबोचा । आरोपी के खिलाफ उदयपुर रोड चुंगी नाका निवासी पीड़िता व रानीसागर खरवा निवासी जसवीर सिंह से रुपए की डिमांड करने और नहीं देने पर जान से मारने की धमकियां देने के आरोप में शिकायत मिली थी ।
पेशी के बाद न्यायालय ने दी जमानत
गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार दोपहर बाद आरोपी मोखम सिंह को ब्यावर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या एक कोर्ट में पेश किया गया । यहां मोखम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डी.डी. राठौड़ ने पैरवी की , राठौड़ ने तर्क दिया कि पुलिस ने धारा 387 में अपराधी बनाया है , इस धारा के तहत आरोपी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं बनता , पुलिस ने गलत धारा के तहत गिरफ्तारी की है । सोशल मीडिया फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य किसी प्लेटफॉर्म पर धमकी देना इस धारा के तहत अपराध नहीं है । जिस धारा में गिरफ्तारी की है उसमें आरोपी का प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहना जरूरी है । 15 मिनट की सुनवाई के बाद अधिवक्ता की दलीलों के आधार पर एसीजेएम कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया ।
एएसपी के निर्देशन में बनी थी जंबोजेट टीम
एसपी जाट ने बताया कि कुख्यात बदमाश मोखम सिंह की गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन व मसूदा सीओ ईश्वर सिंह के नेतृत्व में ब्यावर सदर सीआई चेनाराम बेडा, एएसआई सुखदेव, एएसआई प्रेमसिंह समेत जिला साईबर सेल, ब्यावर सदर थाना, अजमेर गंज थाना के 18 पुलिसकर्मियों की टीम का गठन किया था ।

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