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राज्य निर्माण निगम की लापरवाही से अधूरा पड़ासर्किट हाउस

राज्य निर्माण निगम की लापरवाही से अधूरा पड़ासर्किट हाउस

प्रसाशन नही ले रहा कोई सुधि

शिवेश शुक्ला बस्ती। मंडल मुख्यालय पर विगत 11 वर्षों से सर्किट हाउस का निर्माण कार्य चल रहा ।लेकिन अभी भी उसे वह गति नहीं मिल सकी जिसका इंतजार बस्ती की जनता को था। सर्किट हाउस वह स्थान है जहां जनपद में आने वाले तमाम बीआईपी ठहरते हैं और जिले के हाल को जानते हैं लेकिन खुद बीमार पड़े सर्किट हाउस को देखने वाला कोई नहीं ।मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 में तात्कालिक मुख्यमंत्री मायावती के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल बस्ती सर्किट हाउस को बसपा सरकार के बाद समाजवादी पार्टी के 5 वर्ष और भारतीय जनता पार्टी के 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी सर्किट हाउस कार्यदायीं संस्था की लापरवाही के कारण निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है।वर्तमान समय मे सर्किट हाउस के परिसर में जलजमाव ,अधुरा पार्क, तो दूसरी तरफ बाउंड्री वाल कार्य शेष है कर्मचारियों के रहने के स्थान पर भी निर्माण अधूरा है और अधिकारियों के रहने के आवास में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम का कार्यालय चल रहा है। सवाल यह है कि इतनी धीमी गति के विकास कार्य को क्यों कोई जनप्रतिनिधि और अधिकारी देख नहीं पा रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों की माने तो इसके निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को 2010 में दी गई थी जिसमें कुल बजट 560 .94 लाख रुपये प्रस्तावित था लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण आज भी अधूरे पड़े इस निर्माण कार्य को देखकर यह समझा जा सकता है की कार्यदायीं संस्था कितनी जिम्मेदारी से अपना कार्य कर रही है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब अपर परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि शेष बचे निर्माण कार्य को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है बजट आने पर कार्य किया जाएगा तो कार्य की धीमी गति को लेकर उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

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