नसार दीन बने व्याख्याता,क्षेत्र में छाई खुशी की लहर
किसान परिवार में जन्मे रायपाल मेहर बिरादरी के नसार दीन बने व्याख्याता
कठिन तपस्या और विपरीत परिस्थितियों को भेदकर बने मिसाल
दोसे खान जुनेजा /दिव्यांग जगत
भणियाणा उपखंड के ग्राम पंचायत झलारिया के एक गांव रायपालो की ढाणी के मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले नसार दीन ने राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर द्वारा आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग व्याख्याता भर्ती परीक्षा में इतिहास विषय से संपूर्ण राजस्थान में 41वीं रैंक से सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया।
आपका जन्म 01 जुलाई 1994 को रायपलो की ढाणी में हुआ। पिता मोबीन खान खेती बाड़ी व पशुपालक का काम करते हैं तथा माता दल्ली गृहणी है। आप तीन साल की छोटी उम्र से ही श्री प्रभुपुरा के राजकीय विद्यालय से अध्ययन प्रारंभ किया।
आपने आठवी प्रथम श्रेणी भाखरी से तथा नौवी फलसुंड से की आप नौवी में सप्लीमेंट्री पास हुए तथा दसवीं में 2007 में जैसलमेर के सागरमल गोपा स्कूल चले गए लेकिन वहां अनुतीर्ण हो गए तथा पढ़ाई को छोड़कर पिता जी का हाथ बंटाने में लग गए ।
लेकिन नियति ने कुछ ओर ही लिखा था फिर पढ़ने की इच्छा जागृत हुई और 2009 में राजकीय विद्यालय उजलां में प्रवेश लिया। तत्कालीन प्रधानाचार्य महेशदान जी ने बड़ी मुश्किल से प्रवेश लिया लेकिन भाई आपने 2010 में प्रथम श्रेणी से माध्यमिक परीक्षा पास की और 12 वीं के लिए आप महेश स्कूल जोधपुर चले गए जहां से कला वर्ग से उच्च परिणाम प्राप्त किया।
2015 में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से स्नातक प्रथम श्रेणी से पास की।
चचेरे भाई आम दीन रायपाल जो कि रेलवे में ऑफिसर है के मार्गदर्शन में आपने आरएएस की तैयारी प्रारंभ की तथा दो बार प्री पास की।
इसी दौरान आपने पोकरण टीटी कॉलेज से बीएड डिग्री हासिल की। आप दो बार इतिहास से मास्टर डिग्री धारक है।
2018 में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हुए लेकिन .69 अंको से पिछड़ गए , परिस्तिथियां विपरित होती चल रही थी लेकिन आप संघर्ष के मैदान में डटे रहे और अंततः आप इतिहास व्याख्याता बनकर सफल हुए।
आपका सामाजिक विज्ञाम से अध्यापक लेवल 2 पर भी हाल ही में राजकीय विद्यालय धायसर में पदस्थापन हुआ लेकिन आपने ज्वाइन नही किया ।
आप ने इसी साल नेट जेआरएफ की परीक्षा पास की तथा सेट में भी बेहतरीन अंक हासिल कर लगातार अपनी सफलता का परचम लहराया।
आपने मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रातडिया ने कार्य गृहण कर अपने नए अध्याय की शुरुवात की।
नसार दीन संघर्ष का पर्याय बन चुके हैं उनके 10वीं के बाद से सहपाठी रहे अकरम खान भैय्या का भी हिंदी व्याख्याता पद पर चयन हुआ है, भैय्या आपके संघर्ष के साथी रहे….
यारू रायपाल झलारिया ने बताया कि नसार दीन की सफ़लता समाज में शैक्षिक जागृति और बेरोजगार युवाओं में हौसला भरने का कार्य करेगी, उनके संघर्ष से हमें प्रेरणा मिलेगी।।


