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31 साल पहले माचिस बेचते थे ये बिजनेसमैन, अब चलते हैं पर्सनल हेलिकॉप्टर से

अशोक पाटनी को आरके मार्बल के नाम से जाना जाता है। आचार्य श्री की सलाह पर आज है मार्बल किंग

चीफ एडिटर की कलम से..

दिव्यांग जगत रिपोर्ट- एक पुराने और खटारा स्कूटर से माचिस बेचने का कारोबार करने वाले एक बिजनेसमैन के पास आज अपना एक निजी हेलिकॉप्टर भी है! दरअसल कहा जाता है कि पाटनी पहले स्कूटर पर माचिस बेचने के लिए आते थे मगर उन्हें इस व्यापार में ज्यादा फायदा नहीं हुआ! तो 1989 में पाटनी नें मार्बल की खदान ली उसमें भी उन्हें कुछ ज्यादा प्रॉफिट व लाभ प्राप्त नहीं हुआ! उन्होंने इसके बाद आचार्य श्री का आशीर्वाद लिया और उनके सुझाव पर अपना मार्बल का कार्य चालू किया! उनके पास केवल 1 लाख रुपये थे,उन्होंने इन रुपए से और आचार्य जी के आशीर्वाद से उन्होंने अपना कारोबार विधिवत आचार्य श्री के सुझाव पर कार्य चालू किया! इसके उपरांत 1 साल में ही में कारोबार में तेजी आ गई और आज इस मुकाम पर है कि उनके पास आज खुद का निजी हेलीकॉप्टर है! और अपनी इस कामयाबी के बाद उन्होंने अजमेर में एक बहुत ही भव्य जैन मंदिर का निर्माण भी करवाया!

राजस्थान में अजमेर जिले के किशनगढ़ के मार्बल कारोबारी द्वारा बनाया गया भव्य जैन मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने का इंतजार आज 12 साल के उपरांत भी कर रहे हैं, वहीं मार्बल किंग अशोक पटानी की जिद है कि वह इस मंदिर का लोकार्पण और मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा आचार्य श्री के हाथों से ही करवाएंगे उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही आचार्य श्री के हाथों से भव्य जैन मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी! साथ ही मंदिर का आचार्य श्री से ही लोकार्पण कराने के लिए व्यापारी पिछले काफी सालों से इंतजार भी कर रहे हैं!

जानिए आखिर कौन हैं ये बिजनेसमैन…

  • इस बिजनेसमैन का नाम है अशोक पाटनी, जो 31 साल पहले स्कूटर पर माचिस रखकर बेचते थे।
  • इसके बाद उन्होंने कई धंधे बदले लेकिन 1989 में आचार्यश्री के आशीर्वाद से मार्बल व्यवसाय एक लाख रुपए से शुरू किया जो आज करोड़ों में पहुंच गया है।
  • राजस्थान के मार्बल व्यवसायी अशोक पाटनी जिन्हें आरके मार्बल के नाम से देश जानता है,
  • आज पुरे भारत में मार्बल किंग के नाम से है विख्यात
  • आरके मार्बल समूह को राजस्थान में मार्बल किंग के नाम से जाना जाता है।
  • आरके मार्बल समूह का कारोबार विदेशों तक फैला हुआ है।
  • इस समूह की राजस्थान और मध्यप्रदेश में मार्बल और ग्रेनाइट की कई खानें है।
  • साथ ही यह ग्रुप सीमेंट के क्षेत्र में भी एक्टिव
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