बसई चौहान मे दिलाई धूम्रपान ना करने की शपथ
बसई चौहान मे दिलाई धूम्रपान ना करने की शपथ
ए.एन.एम सविता यादव के सानिध्य मे सैकड़ो ग्रामीणों ने ली धूम्रपान न करने की शपथ
विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2021: क्यों मनाया जाता है, कब और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत? जानिए सबकुछ
सुखराम मीणा/दिव्यांग जगत
अलवर- बानसूर कस्बे की ग्राम पंचायत बबेड़ी के ग्राम बसई चौहान मे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मे ए.एन.एम सविता यादव हाल ही पदस्थापित ईशरा का बास के सब सेंटर भेडीवास मे कार्यरत उनके सानिध्य मे ग्राम बसई चौहान के सैकड़ो ग्रामीणों को तंबाकू निषेध दिवस पर धूम्रपान ना करने की शपथ दिलाई गई जिसमे ग्राम पंचायत बबेड़ी के वार्ड पंच प्रतिनिधि सुखराम मीणा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कौशल्या देवी, पपीता, व केसर देवी द्वारा बहिन जी सविता यादव का पूर्णतः सहयोग किया गया!
ए.एन.एम सविता यादव ने ग्रामीणों को तंबाकू निषेध दिवस पर बताया की तंबाकू का सेवन जानलेवा हो सकता है। ये जानते हुए भी दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू (बीड़ी, सिगरेट, गुटखा आदि) का सेवन कर रहे हैं और ऐसे में उनपर कई जानलेवा बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है। इसीलिए लोगों को तंबाकू के सेवन से रोकने और उससे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 31 मई को दुनियाभर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस यानी वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है।
आईये दिव्यांग जगत पत्रिका से जानते हैं कि इस दिन को मनाने की शुरुआत कब और कैसे हुई थी…?
दरअसल, तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार और तेजी से होती बढ़ोतरी को देखते हुए विश्व स्वास्थ संगठन यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने साल 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने की शुरुआत की थी। हालांकि पहली बार सात अप्रैल 1988 को यह दिवस मनाया गया था, लेकिन उसके बाद 31 मई 1988 को एक प्रस्ताव पास हुआ और उसके बाद से हर साल 31 मई को यह दिवस मनाया जाने लगा।


