आर्य नारायणी देवी टीटी कालेज में चल रही अंतर सदनीय प्रतियोगिताएं
आर्य नारायणी देवी टीटी कालेज में चल रही अंतर सदनीय प्रतियोगिताएं
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । आर्य नारायणी देवी टीटी कॉलेज में आयोजित चार दिवसीय अंतर सदनीय प्रतियोगिताएं “सारंग” के द्वितीय दिवस में यजुर्वेद सदन ने बंगाल राज्य की संस्कृति को प्रस्तुत किया । कार्यक्रम में आर्य नारायणी देवी टीटी कॉलेज के उपनिदेशक डॉ मृत्युंजय शर्मा, हुकुमचंद कॉलेज के उपनिदेशक डॉ निष्काम शर्मा, हुकुमचंद कॉलेज प्राचार्य डॉ रिता पारीक, हुकुमचंद कॉलेज के शिक्षा विभाग से डॉ कल्पना महावर व अन्य प्रवक्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया, कार्यक्रम में अतिथि देवो भव की परंपरा का निर्वहन करते हुए प्राचार्य महोदय ने डॉ निष्काम शर्मा , डॉ मृत्युंजय शर्मा , डॉ रिता पारीक का माल्यार्पण कर स्वागत किया। स्वागत की कड़ी के पश्चात एकल नृत्य प्रतियोगिता का आरंभ किया गया । जिसमें पश्चिमी बंगाली संस्कृति की छवि दिखाई गई । एकल नृत्य में कोमल बागड़ी ने मां दुर्गा की स्तुति की और कृष्णा राजपूत ने भी बंगाली नृत्य किया। साथ ही कोमल साहू ने बंगाली बालों की मनमोहक अदाओं को नृत्य द्वारा प्रदर्शित किया । युगल गायन प्रतियोगिता में कमल माली और जनक सिंह ने मनमोहक गान प्रस्तुत किया । इसी के साथ एकल गायन प्रतियोगिता में कमल बागड़ी ने राधा कृष्ण की प्रस्तुति दी और कृष्णा राजपूत ने अयोध्या का श्री राम पधारे गाना प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में लघु नाटिका का प्रदर्शन किया गया जो बंगाल की सामाजिक और धार्मिक समस्या से संबंधित था । जिसमे बंगाल में होने वाले विधवा स्त्रियों की दशा ,गरीबी आदि को प्रदर्शित किया सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए युगल नृत्य की प्रस्तुति किरण रावत और किरण कुमारी द्वारा दी गई। इसी के साथ कर्मा और मोनिका रावत ने डोला रे डोला पर नृत्य किया। कार्यक्रम में अंतिम प्रस्तुति समूह नृत्य की रही। समूह नृत्य में सभी प्रशिक्षणार्थियों ने मां दुर्गा के समक्ष दुर्गा पूजा का मनमोहक दृश्य नृत्य के द्वारा प्रस्तुत किया । मध्यान्ह के पश्चात ऋग्वेद सदन के प्रशिक्षणार्थियों ने साफा बांधो प्रतियोगिता और थाल सजा प्रतियोगिता में भाग लिया। सामवेद सदन के सभी प्रशिक्षक आर्थियों ने स्टेज साज साज प्रतियोगिता में भाग लिया। व अथर्ववेद सदन को कश्मीर राज्य का खाना बनाना था उन्होंने कश्मीर के विभिन्न व्यंजन परोसे। अंत में निर्णायक मंडल ने सभी का निर्णय किया ।प्राचार्य द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया और द्वितीय दिवस की प्रतियोगिताओं के समापन की घोषणा की गई ।


