धरती रहेगी तो ही मानव का अस्तित्व रहेगा : बुधराम जाट
भटियानी में एमसीएल सेमिनार कार्यक्रम
धरती रहेगी तो ही मानव का अस्तित्व रहेगा : बुधराम जाट
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद उपखण्ड के झड़वासा कस्बे के निकट भटियानी में शुक्रवार को एमसीएल (MCL) का सेमिनार कार्यक्रम आयोजित हुआ । उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एमसीएल कम्पनी के गोविंद कृपा, बुधराम जाट, एमवीपी कन्हैयालाल चौधरी, आनंद वैष्णव, मनजीत सिंह गौड कैलाश तेला व शिवराज गियाड आदि थे। कार्यक्रम में विशेषतया बताया गया की पर्यावरण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
सस्टनेबिलिटी हमारे समाज के लिए पर्यावरण पर कम से कम प्रभाव के साथ मौजूदा गति से आर्थिक विकास की जरूरतों को पूरा करने का एक दीर्घकालिक लक्ष्य भी है।
लेकिन यह प्राकृतिक दुनिया और इसकी नाजुक पारिस्थिति को संरक्षित करने से कहीं अधिक है । यह व्यवसायों और सरकारी संस्थाओं की वृद्धि और विकास को सक्षम करने के बारे में है ताकि समाज के सभी हिस्से यह सुनिश्चित करने के लिए सदभाव से काम करें की आने वाली पीढ़ियों के पास जीवित रहने के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधन हों। मीरा क्लीनफ्यूल्स लिमिटेड द्वारा ग्राम भटियाणी में आयोजित किसान सभा में बोलते हुए बुधराम जाट ने बताया की हमारे ग्रह और पानी और हवा जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सस्टनेबिलिटी बड़ी महत्वपूर्ण है।
एक स्थायी भविष्य का निर्माण और जीवन जीने के स्थायी तरीके अपनाने से प्रदूषण कम होगा और पौधों और जानवरों के आवासों की रक्षा भी होगी।
भारतवर्ष का किसान परंपरागत खेती और मानसून पर निर्भर रहकर दयनीय स्थिति में पहुंच गया है परंतु अब यह स्थिति बहुत ज्यादा दिन रहने वाली नहीं है। भारत का किसान अपने खेतों में ऊर्जा की खेती करने वाला है।
एमसीएल कंपनी के एमवीपी भागचंद शर्मा ने बताया कि भारतवर्ष की हर तहसील में बायोमास से सीएनजी और बाॅयो फर्टिलाइजर बनाने के प्लांट की स्थापना कर रहे हैं । इसके लिए कच्चा माल नेपियर या हाथी घास होता है , जो गन्ना और बाजरे का संकर किस्म है । इसे एक बार बो देने पर सात आठ साल तक लगातार फसल मिलती रहती है।
इसको कम पानी की आवश्यकता होती है , और यह पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है । इसकी प्रति वर्ष प्रति हेक्टेयर एक हजार टन तक फसल ली जा सकती है । इसे खरीदने की सुनिश्चितता भी है।
जब तक बायो सीएनजी प्लांट की स्थापना हो नैपियर घास से बायो कोल बनाने के संयंत्र की स्थापना कर रहे हैं।
नसीराबाद से ही प्रोजेक्ट ऑनर बुधराम जाट ने बताया कि इसके लिए फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का गठन किया जायेगा। जिसमें तहसील के सभी किसानों को सदस्य बनाया जाएगा । इस प्रोड्यूसर कंपनी को सीधे प्रोजेक्ट की लाभप्रदता से भी जोड़ा जाएगा।
इस मौके पर किसान पुखराज टांक, मुकेश, रामदेव प्रजापत, नारू सिंधी, घनश्याम राव, कालू यादव, रामधन, सुल्हदेव चोयल, श्रवण, महेंद्र चौधरी सहित कई किसान उपस्थित थे।


