अजमेर में आयोजित विजनरीज सम्मेलन में लक्ष्मी मिष्ठान भंडार पुष्कर के गिरिराज वैष्णव हुए सम्मानित, पीढ़ियों से चली आ रही मिष्ठान बनाने की परम्परा और स्वाद में विशेष मालपुआ बनाने पर मिली नई पहचान
मुकेश वैष्णव/ दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। तीर्थराज पुष्कर की पहचान केवल विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर और पवित्र सरोवर तक ही सीमित नहीं है। आज यदि कोई श्रद्धालु या पर्यटक पुष्कर आता है तो दर्शन के साथ यहां का प्रसिद्ध मालपुआ चखे बिना और अपने साथ ले जाए बिना शायद ही लौटता हो। वर्षों से अपने अनोखे स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध पुष्कर के इसी मालपुए को अब प्रदेश स्तर पर भी बड़ा सम्मान मिला है।
अजमेर में आयोजित न्यूज 18 राजस्थान विज़नरीज़ सम्मेलन में लक्ष्मी मिष्ठान भंडार, पुष्कर के संचालक गिरिराज वैष्णव को श्रेष्ठ मालपुआ श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत तथा न्यूज18 राजस्थान के राज्य प्रमुख अमित भट्ट ने प्रदान किया।
यह सम्मान केवल मालपुआ बनाने के लिए नहीं, बल्कि पुष्कर में वर्षों से तैयार किए जा रहे मालपुए के बेहतरीन स्वाद, शुद्धता, गुणवत्ता और पारंपरिक विधि को देखते हुए दिया गया है। लक्ष्मी मिष्ठान भंडार का मालपुआ आज भी पुष्कर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है। यही विशिष्ट स्वाद इस सम्मान की सबसे बड़ी वजह बना। गिरिराज वैष्णव उस परिवार से हैं, जिसने दशकों पहले पुष्कर में मालपुआ बनाने की परंपरा को नई पहचान दी। उनके दादाजी को पुष्कर में मालपुआ परंपरा का अग्रदूत माना जाता है। उसी विरासत को आज गिरिराज वैष्णव पूरी मेहनत, गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक पुष्कर दर्शन के बाद लक्ष्मी मिष्ठान भंडार का मालपुआ अवश्य चखते हैं और अपने परिवार व मित्रों के लिए इसे साथ लेकर जाते हैं। यही कारण है कि पुष्कर का मालपुआ आज केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि तीर्थराज पुष्कर की पहचान बन चुका है। इससे पहले भी दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में गिरिराज वैष्णव को उनके उत्कृष्ट मालपुए के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उस समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें सम्मान प्रदान किया था। अब न्यूज18 राजस्थान द्वारा मिला यह सम्मान पुष्कर के मालपुए की वर्षों पुरानी परंपरा और उसकी विशिष्ट पहचान पर एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि बन गया है। वैष्णव को यह विशेष सम्मान मिलने पर अजमेर जिले की समस्त वैष्णव समाज की समितियों के पदाधिकारीयो ने वैष्णव समाज का नाम रोशन करने पर गिरिराज वैष्णव एवं उनके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। स्वाद, परंपरा और विरासत का सम्मान है, जिसने पुष्कर के मालपुए को राजस्थान ही नहीं, पूरे देश में अलग पहचान दिलाई है।


