बढते यातायात दबाव के कारण मेगाहाईवे को फोर लेन करने की सांसद चौधरी ने लोकसभा में नियम 377 के तहत रखी मांग
किशनगढ़-हनुमानगढ़ मेगा हाईवे को दो लेन से फोर लेन करने हेतु बजट वर्ष 2022 की घोषणा में सम्मिलित कर राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में करें विकसित – सांसद भागीरथ चौधरी
इस वर्ष 25000 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित बजरने की बजट घोषणा में सम्मलित करें ,किशनगढ-हनुमानगढ मेगा हाईवे
बढते यातायात दबाव के कारण मेगाहाईवे को फोर लेन करने की सांसद चौधरी ने लोकसभा में नियम 377 के तहत रखी मांग
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । 17 वीं लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सांसद भागीरथ चौधरी ने रिडकोर द्वारा संचालित किशनगढ हनुमानगढ मेगाहाईवे को दो लेन से फोर लेन करने और राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने हेतु केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से लोकसभा में नियम 377 के तहत मांग सभा पटल पर रखी । सांसद चौधरी ने अपने वक्तव्य में बताया कि उनके अजमेर संसदीय क्षेत्र में स्थित किशनगढ़ मार्बल मंडी विश्वविख्यात औद्योगिक क्षेत्र के रूप में स्थापित है जहा पर मार्बल एवं ग्रेनाइट के साथ साथ पावडर प्लांट, पावरलूम, टेक्सटाइल और हेंडीक्राफ्ट की समुचित इकाईयों का भी दबदबा है। किशनगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 79 एवं 8 पर जयपुर अजमेर के मध्य स्थित है । और मेगा हाइवे हनुमानगढ़ से जुड़ा होने के कारण किशनगढ़ को हाईवे नगरी कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। किशनगढ़, अजमेर से हनुमानगढ़ के मध्य वर्तमान में दो लेन के 406 किमी मेगा हाइवे का संचालन वर्ष 2008 से रिडकोर के माध्यम से किया जा रहा है । जहां प्रतिदिन 20 से 22 हजार की संख्या में 24 घंटे भारी वाहनो की निरंतर आवाजाही बनी रहती है । जिसके कारण गत 3 – 4 वर्षाे में उक्त मेगा हाईवे पर ट्रैफिक का भारी दबाव सा हो गया है । और जिससे आए दिन उक्त मेगा हाईवे पर गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो रही है।जिससे जनहानि होने से आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्याएं भी उत्पन्न हो रही है। वर्तमान परिपेक्ष्य और तीव्र औद्योगिक विकास को दृष्टिगत लगते हुए उक्त मेगा हाइवे को अब राष्ट्रीय राजमार्ग रूप में विकसित किये जाने की महत्ती आवश्यकता है। हालाकि केंद्र सरकार ने भारत माला योजना के तहत वर्ष 2017-18 में अजमेर से चंडीगढ़ वाया किशनगढ , डीडवाना, रतनगढ़, हनुमानगढ़ के 500 किमी सडक मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में निर्मित कराने की घोषणा भी माननीय केंद्रीय सड़क मंत्री जी द्वारा की गई थी । जिसकी डीपीआर भी वर्ष 2018 -19 में तैयार हो चुकी है । लेकिन किसी कारण वश इसे मूर्त रुप नहीं मिला है । जबकि उक्त मेगा हाइवे को फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किया जाता है , तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पूर्व में भूमि अधिग्रहित होने से मुआवजा भी कम देना पड़ेगा और इससे पूर्वी राजस्थान और पंजाब का गुजरात एवं मध्य प्रदेश से सीधा जुड़ाव हो जाएगा । अतः उक्त भारत माला घोषणा अंतर्गत प्रस्तावित अजमेर से चंडीगढ़ तक 500 किलोमीटर हाइवे अथवा किशनगढ़ से हनुमानगढ़ तक संचालित 406 किलोमीटर मेगा हाइवे को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में घोषित कर बजट वर्ष 2022 -23 की विभागीय कार्ययोजना में 25000 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की घोषणा में सम्मिलित कर मूर्तरुप प्रदान करावे। बजट सत्र में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी जी से मिलकर इसे मूर्त रूप दिलाने का प्रयास करेंगे।

