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दिव्यांग ने ताना मारा और फिर हो गया ऐसा जो सोचा नहीं

दिव्यांग ने मारा ताना,बना दिया रोबोटिक हैंड

बीकानेर – लैब में विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। अचानक एक हाथ से दिव्यांग व्यक्ति किसी काम से काम से वहां आया बातों बातों में से विद्यार्थियों को ताना मारा और कहां की मेरे जैसे दिव्यांग के लिए कोई चमत्कार करो। ताकि हमे सहूलियत मिल सके।
उसकी यह बात राजकीय पॉलिटेक्निकल महाविद्यालय के छात्र अश्मित सिंह के दिल को लग गई।और उसने दिव्यांग लोगों के लिए डिवाइस बनाने की सोची अपने सीनियर्स और स्टाफ के माध्यम से 40 दिन में रोबोटिक हेड बनाने में कामयाबी हासिल कर ली।


अश्मित ने बताया कि किसी हादसे में अपना एक हाथ खोने की वजह से आम आदमी को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह रोबोटिक हैंड आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी में काफी सहायक सिद्ध होगा।

लागत महज 5 हजार रुपए-
इस पर करीब 5 हजार रुपए का खर्च आया है। रोबोटिक हैंड पुणे में लैक्टिक एसिड मैटेरियल्स से तैयार किया गया है।

ऐसे करता है काम-
अश्मित ने बताया कि किसी का हाथ खराब या नहीं होने की स्थिति में रोबोटिक डी वाइस को वहां पर लगाएंगे। इसके बाद सही हाथ में एक विशेष दस्ताना पहना जाएगा। इससे जैसे-जैसे हाथ काम करेगा वैसे ही दूसरा हाथ भी रोबोट वाला रोबोटिक हैंड वाला अपना कार्य सुचारू रूप से चालू कर सकेगा।

बनाया जाएगा नया वर्जन –
इसका जल्द ही 4.0 वर्जन बनाया जाएगा इसमें खास बात यह होगी कि वह एक वायरलेस रहित होगा और उसे रोबोटिक आराम व सहजता से काम कर सकेगा।

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