पत्रकार को धमकाने को धमकाने वाले सरपंच पुत्र पर अतिशीघ्र मुकदमा दर्ज कर पीड़ित पत्रकार को न्याय, सुरक्षा व राहत दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने न्यायमूर्ति वी रामा सुब्रमण्यन को भेजा पत्र
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। अनुसूचित जाति के मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं पत्रकार को धमकाने वाले सरपंच पुत्र पर अतिशीघ्र मुकदमा दर्ज कर पीड़ित पत्रकार को न्याय, सुरक्षा एवं राहत दिलाने की मांग को लेकर मानव विकास एवं अधिकार केन्द्र संस्थान अजमेर ने न्यायमूर्ति श्री वी. रामासुब्रमण्यन अध्यक्ष राष्ट्रिय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली भारत सरकार को पत्र भेजा। मानवाधिकार संस्थान के सचिव रमेश चन्द बसल ने बताया कि
अनुसूचित जाति के मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं पत्रकार कैलाश विडीवाल निवासी ग्राम दौलतखेडा तहसील पीसागन जिला अजमेर राजस्थान से प्राप्त मानव विकास एवं अधिकार केन्द्र सस्थान को प्राप्त परिवदेना के अनुसार मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं पत्रकार कैलाश चिडीवाल और विगत कई वर्षों से विभिन्न संस्था संगठनों के साथ लोकहित लगातार कार्य करने के साथ ही विगत 10 वर्षे से राष्ट्रिय प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति अजमेर में ग्रामीण पत्रकार हैसियत से कार्य करते करता आ रहा है। 11 जून को पत्रकार कैलाश चिडिवाल द्वारा समाचार जिसका शीर्षक “नाथूथला में जोधपुर खंरजा निर्माण में लाखो की अनियमितता” पर अनियमिता की फोटो सहित समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार किया था। जिसमे मुख्य सार यह है कि सरपंच मेहता चीता डोडिया द्वारा ग्राम पंचायत डोडियाना में वर्ष 2023 -24 में स्वीकृत तेजाजी महाराज के स्थान के पास स्वीकृत खरंजा निर्माण कार्य मौके पर नही कराया गया और ग्राम पंचायत के आय-व्यय विवरण प्रपत्र कमांक-23 में इस कार्य हेतु लगभग 4 लाख 72 हजार 731 रूपये खर्च दर्शाकर भुगतान उठा लिया गया। जिस पर धार्मिक स्थल के नाम पर स्वीकृत राशि का वास्तवितक उपयोग नही हुआ और सरकारी राशि का दुरूपयोग हुआ है। और इस बाबत् ग्रामीणो की 14 मई 2016 को मामले की जाँच मे लियें पीसांगन जेईएन वर्षा मौके पर पहुंच कर जाँच में बताया कि 2022-23 के पुराने कार्य को वर्ष 2023-2024 का कर स्वीकृत कार्य बताकर दिखाया गया। ग्रामीणो के अनुसार तत्थ यह है कि पुराने कार्य से संबन्धित सूचना बोर्ड पर अल्लाद्वीन खान के घर से तेजाजी महाराज चाप एवं नाली निमार्ण कार्य अंकित किया गया, जिसमे कार्य प्रांम्भी और पूर्ण होने की तिथियों भी अंकित थी और सरपंच पुत्र ने उसे जाँच के बाद उक्त बोर्ड को दीवार से मिटा दिया गया। जिस पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जिला परिषद एव संबन्धित विभागों उक्त सरकारी राशि के सरपंच द्वारा गबन पर शिकायत दर्ज करवाई है। ग्रामीणों में रोष व्याप्त हैं। पत्रकार एव ग्रामीणों के अनुसार सरपच मेहता चीता का पुत्र
कल्लू द्वारा सरपंच पिता के स्थान पर ग्राम पंचायतो की बैठको एवं समस्त कार्य सम्पादित किये जाते है, जो जिला परिषद की विधि के अनुसार बिलकुल ही गलत विधि सम्मत नहीं है। और इस पर स्थानीय ग्रामीण मानवाधिकार कार्यकर्ता एव पंत्रकार को दिनांक 11 जून 2026 को सुबह से दोपहर तक लगातार उक्त समाचार के प्रकाशन पर देख लेने की धमकी दी और लगातार धमकी दी जा रही है। जिससे स्थानीय पत्रकारों में रोष व्याप्त और वे समस्त पत्रकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है। आरोपी सरपंच पुत्र महेता चीता के पुत्र कल्लू पत्रकार के साथ कोई भी अनहोनी घटना कारित कर सकती है। क्योकि पूर्व में पत्रकारों के साथ इस प्रकार की कई घटना हो चुकी है। इस पर अभी मुकद्धमा दर्ज नहीं किया जाकर गंम्भीरता से कार्यवाही नहीं की गई और कोई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के साथ कोई भी अनहोनी घटना होती तो इसकी समस्त जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस, जिला पुलिस एवं प्रशासन की होगी। क्योकि पीडित पत्रकार एवं स्थानीय पत्रकारों द्वारा पत्रकार संघ के माध्यम दी जा चुकी है, लिस पर आज दिनांक तक स्थानीय पुलिस थाना माँगलियावास में मुकद्धमा दर्ज नहीं किया गया और न ही कोई कार्यवाही की गई है। मूलतः से मानव विकास एवं अधिकार संस्थान केन्द्र मांग एवं निवेदन करता है की मानवाधिकार कार्यकर्ता व पत्रकार को धमकी देने वाले आरोपी पर अतिशीघ्र पुलिस थाना मॉगलियावास जिला अजमेर मुकद्वमा दर्ज करवाने का आदेश फरमाया जाये।
मानवाधिकार कार्यकर्ता व पत्रकार व ग्रामीणों द्वारा समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के आधार पर जिला परिषद अजमेर को गम्भीरता से जाँच कर सरपंच एव सरपंच पुत्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही के आदेश फरमाया जाये। ग्राम पंचायतों की आर्थिक भौतिक सत्यापन के जाँच करवायी जाने के आदेश फरमाया जाये। पत्रकारों की न्याय, सुरक्षा एव राहत हेतु शीघ्र प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाये।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारो की सुरक्षा हेतु सख्त आदेश पारित किये जाने के आदेश जारी करने के आदेश फरमाया जाये।अतः माननीय महोदय से संस्थान द्वारा मॉग व निवेदन पर आप अपने स्तर पर गंम्भीरता से हस्तक्षेप कर उक्त मामले स्वं प्रसगज्ञान लेकर स्थानिय थाने में आरोपी के खिलाफ अतिशीघ्र मुकद्वमा दर्ज कर कार्यवाही करने के आदेश फरमाकर पीडित अनुसूचित जाति के मानवाधिकार कार्यकर्ता एव पत्रकार को न्याय, राहत एव सुरक्षा दिलवाने की कार्यवाही करने एवं आप द्वारा की कार्यवाही से संस्थान को अवगत करवाने की मांग रखी गई।

