कृषि वैज्ञानिकों ने झड़वासा से किया नेनो यूरिया का अनुसंधान शुरू
कृषि वैज्ञानिकों ने झड़वासा से किया नेनो यूरिया का अनुसंधान शुरू
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद के निकट झड़वासा कस्बे से कृषि वैज्ञानिकों ने किया नेनो यूरिया अनुसंधान का कार्य शुरू।
मंगलवार को उपनिदेशक कृषि (शल्य) मनोज शर्मा ने एटीसी तबीजी के निर्देशन में गेहूँ की फसल में नेनो यूरिया के उपयोग हेतु चल रहे अनुसंधान के संदर्भ में झड़वासा के कृषक तेजमल जाट व मोतीपुरा के कृषक राजेन्द्र के खेतों में नेनो यूरिया का छिड़काव किया। तत्पश्चात एटीसी तबीजी में अनुसंधान अधिकारी कृषि वैज्ञानिक (रसायन) कमलेश चौधरी ने नेनो यूरिया के बारे जानकारी देकर बताया कि यह एक तरल रसायनिक उर्वरक है । जिसका प्रभाव फसल पर 2 से 3 दिन में दिखाई देने लग जाता है । तथा चारा व उपज में अधिक बढ़ोतरी भी करता है।
उपनिदेशक मनोज शर्मा ने बताया की अभी इसकी प्रमाणिकता के आंकलन हेतु अनुसंधान शुरू किया है । उचित परिणाम प्राप्त होने पर इस नई तकनीक को प्रचार प्रसार कर किसानों तक पहुंचाया जाएगा । ताकि इस तकनीक का सभी किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।
उक्त अनुसंधान व भृमण में नरेंद्र सिंह कृषि अनुसंधान अधिकारी (कीट), कृषि पर्यवेक्षक सुभाष खोजा, कृषक रामराज, गणेश बैरवा, तेजमल जांगिड़, कालूराम जाट आदि कृषक उपस्थित थे।
झड़वासा फोटो झड़वासा किसानों के खेत पर अनुसंधान करते कृषि वैज्ञानिक।

