हे भगवान यह क्या कर दिया : 9 दिन पहले हुई थी शादी,सड़क हादसे में दूल्हा दुल्हन की मौत
जयपुर। मध्यप्रदेश के रतलाम में महू-नीमच फोरलेन पर सोमवार सुबह भीषण सड़क हादसे में नवविवाहित दंपती सहित चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक महिला गंभीर घायल हो गई। कार सवार परिवार मध्यप्रदेश के धार जिले से जयपुर के जोबनेर के मुरलीपुरा गांव आ रहे थे। इस दौरान रतलाम के करीब जमुनिया गांव में कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पुलिया पर चढ़ गई। हादसे में मृत नवविवाहिता मुरलीपुरा गांव की रहने वाली थी।
अपने पीहर आ रही थी नौ दिन पहले ही उसकी शादी हुई थी। पति के साथ वह शादी के बाद पहली बार अपने पीहर आ रही थी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही तीन लोगों ने दम तोड़ दिया जबकि एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। रतलाम के बिलपांक थाना पुलिस के अनुसार दुर्घटना में धार जिले के * गांव निवासी रविराज सिंह पुत्र मनोहर सिंह (30), रेणु कुंवर (22) पत्नी, रविराज की मां विनोद कंवर पत्नी मनोहर सिंह (55) और जयपुर निवासी रेणु पत्नी राजवीर सिंह (42) की मौत हुई है। जबकि युवक की बुआ भंवर कंवर पत्नी सज्जन सिंह निवासी झुंझुनूं गंभीर रूप से घायल है।
5 फरवरी को हुई थी शादी रविराज की शादी 5 फरवरी को रेणु के साथ हुई थी। शादी के बाद रेणु पीहर आ रही थी और उसे छोड़ने के लिए पति रविराज के साथ उसकी मां और दो बुआ भी थीं। सभी लोग अल सुबह कार से निकले थे।
शादी की पत्रिका से हुई पहचान हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार में फंसे शवों को निकालकर अस्पताल भिजवाया। दुर्घटनाग्रस्त कार में पुलिस को शादी की एक पत्रिका मिली, जिस पर लिखे नंबर पर फोन कर पुलिस ने परिवार से बात की। परिवार के लोग धार जिले से रतलाम पहुंचे और मृतकों की शिनाख्त की।
नकदी और आभूषण थे साथ पुलिस जब मौके पर पहुंची तब कार पुलिया के ऊपर चढ़ी नजर आई। उसमें फंसे चालक को बाहर निकालने के लिए पुलिस के ने क्रेन बुलाई। पुलिस को कार में आभूषण और नकदी भी मिली। मृतकों के शरीर पर भी आभूषण थे। पुलिस ने नकदी और गाड़ी से मिला सामान परिजन को सौंप दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हादसे के बाद नवविवाहिता रेणु के घरवालों को हादसे के बारे में नहीं बताया गया जबकि गांव वालों को जानकारी थी। रेणु के पिता की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर है। रेणु के दो भाई व एक बहन है। जबकि घर में मां व दादी हैं। पिता गोशाला में काम करते थे। रेणु की शादी में भी ग्रामीणों ने मदद की थी।

