सोडावास क्षेत्र में सरसों की फसल पकने के कगार पर
बिखरी,, पीले सोने,, सी चमक, उम्मीद से दमके किसानों के चेहरे
सोडावास क्षेत्र में सरसों की फसल पकने के कगार पर
बिखरी,, पीले सोने,, सी चमक, उम्मीद से दमके किसानों के चेहरे
पंडित पवन भारद्वाज /दित्यांग जगत
सोडावास समेत आसपास के क्षेत्र ग्राम भिवाड़ा कालूका में सरसों की फसल के पीले फूलों में इन दिनों कश्मीर की वादियों की रौनक बिखेर दी है । हजारों हेक्टेयर रकबे में इन दिनों सरसों की फसल लहलहा रही है । सरसों के पीले फूलों से चारों ओर खड़ी फसल को देख ऐसा लगता है कि मानो इन दिनों समूचे इलाके इन्हें पीली चादर ओढ़ ली हो । विगत कुछ वर्षों से जैसे-जैसे परी क्षेत्र में पानी की कमी होती जा रही है और सरसों के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है । वैसे-वैसे किसानों की रूचि सरसों के उत्पादन में बढ़ने लगी है। इन दिनों इलाके में सरसों की फसल ने कश्मीर की वादियों जैसा खूबसूरत कर दिया है । अलवर से बहरोड सड़कों पर सोडावास से मुंडावर, अजरका स्टेट हाइवे। सड़को पर बस या कार से सफर करने वाले यात्रियों को चारों ओर सरसों के पीले फूल आनंदित कर रहे हैं तो लाखों क्विंटल पीले सोने के उत्पादन से किसान बेहद खुश नजर आ रहे हैं ।
,,,,,,,, इलाके में गत वर्ष की तुलना में इस बार सरसों की बुवाई अधिक हुई है । सोडावास ग्राम सेवा सहकारी समिति के सचिव लीलाराम सैन व किसान बिल्लू भिवाड़ा कृष्णा भारद्वाज अजय यादव नयागांव ने बताया इस बार सरसों की पैदावार गत वर्ष की तुलना में अधिक है । क्योंकि बीते वर्ष में किसानों को सरसों की फसल में अच्छा मुनाफा हुआ था। इससे अबकी बार सरसों की बुवाई अधिक हुई है ।,, सोडावास कस्बे में खेतों में लहलहा रही सरसों की फसल

