झड़वासा में हुआ अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ियों का सम्मान
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
झड़वासा में हुआ अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ियों का सम्मान
अजमेर । नसीराबाद के निकट झड़वासा कस्बे में आज शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया । झड़वासा के गौरव अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नीरज चौधरी, स्वपनील पारीक और रविराज जांगिड़ सहित अन्य खिलाड़ियों में कोच अमन दीक्षित व भरत रावत, राजवीर, अभिषेक गुर्जर, गजराज, सतवीर, अभिषेक, हितेंद्र रावत, रघुवीर, अमन, सतेश और राजू का विद्यालय के छात्राओं द्वारा तिलक कर स्वागत किया । व ढोल ढमाकों के साथ कस्बे में जुलुश निकाला ।
इसके पश्चात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सरपंच भँवर सिंह गौड , नसीराबाद पुलिस उपाअधीक्षक सुनील सिहाग , नसीराबाद सदर थाना के पुलिस वृताअधिकारी राजेश मीणा , पुलिस उपनिरीक्षक समीर कुमार सेन, ब्रजेश सिंह, प्रधानाचार्य कौशल्या यादव और शारीरिक शिक्षक धोलादांता के मनदीप सिंह ने माँ सरस्वती को द्वीप प्रज्वलित कर उक्त खिलाड़ियों का मालार्पण कर भव्य स्वागत के साथ खिलाड़ियों का मान बढ़ाया।
झड़वासा के खिलाड़ी नीरज चौधरी, स्वपनील पारीक और रविराज जांगिड़ ने बताया की 24, 25 और 26 अक्टूबर को गोवा में महाराष्ट्र, एमपी, यूपी, उत्तराखण्ड सहित सात प्रांतों की राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता हुई । उसके पश्चात 28 नवम्बर से 1 दिसम्बर तक नेपाल के पोखरा में भारत, नेपाल, जापान और इंडोनेशिया की अन्तर्राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता हुई । और उक्त दोनों प्रतियोगिताओं में झड़वासा के नीरज चौधरी मेन ऑफ दी मैच और बेस्ट रेडर घोषित रहे।
पुलिस उपाधीक्षक सुनील सिहाग, वृताअधिकारी राजेश मीणा, कौशल्या यादव और मनदीप सिंह ने अपने उद्बोधन में उपस्थित विद्यार्थियों सहित सभी को बताया कि जीवन मे खेल हमारे भौतिक और शारीरिक विकास करने में अहम काम करता है।
और फिर कबड्डी तो हमारे देश का बहुत ही अहम खेल है और फिर उसमें भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विजेता बनना बहुत मायने रखता है । इसमें बहुत मेहनत लगती है । इसके साथ ही सभी को बधाई और शुकामनाये दी और सभी का मनोबल बढाकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर भामाशाह प्रकाश चन्द व सुनिल कुमार जैन सभी खिलाड़ियों को 500-500 रुपए नगद देकर होसला अफजाई करी ।
साथ ही विद्यालय में पुलिस सहायता के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा विद्यालय में पुलिस शिकायत पेटिका भी लगाई गई।

