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सरकार बाजरे की बिक्री व खाद की कमी पर तुरन्त ध्यान दे :डा. अभय यादव

सरकार बाजरे की बिक्री व खाद की कमी पर तुरन्त ध्यान दे :डा. अभय यादव

रिपोर्टर भगवत शर्मा दिव्यांग जगत न्यूज पेपर & चैनल

विधायकों के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने बाद नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव ने मुख्यमंत्री समेत चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों से संपर्क करके दक्षिणी हरियाणा में बाजरे की बिक्री की स्थिति को संभालने का आग्रह किया।

डा. अभय यादव ने इस विषय पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि दक्षिण हरियाणा की दो फसलें मुख्य रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं जिनमें सरसों एवं बाजरा प्रमुख हैं। सरसों का भाव पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक पर बाजार में है इसलिए सरसों के बारे में कोई चिंता की बात नहीं है परन्तु बाजरे की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो इस बार किसान को मौसम की मार ने बेहाल कर दिया तथा कटाई के समय हुई बारिश से किसान का बाजरा एवं कड़बी (चारा) दोनों खराब हो गए हैं तथा दूसरी तरफ सरकार द्वारा भावान्तर योजना के तहत जो दाम किसान के खाते में ट्रांसफर किए जा रहे हैं वह बाजार के वास्तविक भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अन्तर की भरपाई नहीं कर पा रहा।

विधायक ने मुख्यमंत्री हरियाणा से अनुरोध करते हुए कहा है कि सरकार की भावान्तर भरपाई योजना से कोई परेशानी नहीं है परंतु भावान्तर की रकम वास्तव में न्यूनतम समर्थन मूल्य की भरपाई करने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए। इस दिशा में सरकार के पास दो विकल्प हैं। यदि सरकार निर्धारित 600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर ही भरपाई देना चाहती है तो 1650 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसान का बाजरा बिकवाने का प्रबंध भी साथ-साथ करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो सरकार को बाजार भाव और समर्थन मूल्य में जितना अंतर है उसकी भरपाई करने का प्रबंध सुनिश्चित करना चाहिए।

डा. यादव ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा का किसान काफी समय बाद वर्तमान सरकार के समय में राहत की सांस ले रहा है। क्षेत्र में हुए विकास से सभी प्रसन्न हैं परंतु किसान के हित को यदि हानि होती है तो यह न तो किसान के हित में होगा और न ही सरकार के हित में होगा। अतः सरकार को इस तरफ शीघ्र ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने क्षेत्र में चल रहे खाद की कमी की समस्या के बारे में भी चंडीगढ़ कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की तथा उनको यह बात स्पष्ट की है कि सरसों की बिजाई का इस समय सही मौसम है और दक्षिणी हरियाणा में सरसों की बिजाई बड़े पैमाने पर होती है। इसलिए तुरंत खाद की आवश्यकता है। अतः सरकार को इस तरफ ध्यान देते हुए दक्षिण हरियाणा के तीनों चारों जिलों में तुरंत डीएपी खाद उपलब्ध करवाया जाए ताकि किसान को इस संबंध में आ रही खाद की कमी की समस्या का निदान करवाया जा सके। उन्होंने उम्मीद की कि शीघ्र ही सरकार इन दोनों ही बातों की तरफ अवश्य ध्यान देगी।

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