प्रजातंत्र किसी की व्यक्तिगत जागीरदारी नहीं होती हैं।
प्रजातंत्र प्रजा का, प्रजा के द्वारा, प्रजा के लिए की शासन पद्धति है न कि किसी की व्यक्तिगत जागिरदारी नहीं -पत्रकार हर मुकेश शर्मा ने बताया कि प्रजातंत्र प्रजा के द्वारा चुनें हुये प्रतिनिधियों द्वारा चलाई जाने वाली शासन पद्धति है, जिसमें जनता द्वारा चुनें हुये प्रतिनिधि का प्रथम दायित्व होता है कि वो जनता की समसत समसया को गम्भीरता से सुने और उसका हर संभव प्रयास कर समाधान करे! लेकिन आज बडे़ ही दुभ्रागय की बात है कि जनता के द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि ही जीतने के बाद अपने आप को बादशाह समजने लग जाता है और जनता की सुद न लेकर अपने व्यक्तिगत स्वार्थ को पुरा करने में अधां हो जाता है और जिसके चलते वो अपनी जनता पर ही अतयाचार करने लगता हैं और अपनी आने वाली पिढीयो के लिए संपत्ति बटोरने का प्रयास करने लग जाता है और जनता के विकास के नाम पर अधां बन जाता है जो कि प्रजातंत्र को शर्मसार करने की बात है और प्रजातंत्र पद्धति को कलंकित करने की बात है! उपरोक्त लेख के माध्यम से पत्रकार हर मुकेश शर्मा ने जनता के द्वारा चुनें हुये प्रतिनिधियों को वास्तविकता से अवगत कराने का प्रयास किया है और इस प्रकार के तानाशाही प्रतिनिधियों को वास्तविकता से अवगत कराने का प्रयास किया है और अप्रत्यक्ष रूप से टीपणी कर ईशारा करने का प्रयास किया गया है! जो कि पूर्ण रूप वास्तविक है! जिसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता हैं!
दिल्ली क्राईम पत्रकार हर मुकेश शर्मा

