सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति हो रही महज जुमला साबित
विशेष रिपोर्ट
दिव्यांग जगत अजमेर (मुकेश वैष्णव)
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सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति हो रही महज जुमला साबित
प्रदेश में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मनरेगा में
ग्राम पंचायतों में श्रमिकों से लेकर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति,और जिला परिषद तक के कर्मचारियों अधिकारियों की संलिप्तता आ रही सामने
अजमेर । प्रदेश में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार मनरेगा में हो रहा है । प्रदेश के केवल एक जिले अजमेर में ही एक पखवाड़े में 1 लाख 20 हजार से अधिक श्रमिको का होता है नियोजन।
इनसे से लगभग 90 फीसदी से अधिक यानी एक लाख लोग परोक्ष अथवा अपरोक्ष रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त ।
यह तो हे प्रदेश के केवल एक जिले की बानगी, सम्पूर्ण प्रदेश में कमोबेश यही हालात।
विधायक, मंत्री, सभी उच्च एवं सक्षम अधिकारी हैं , प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर हो रहे इस गोरखधंधे से वाकिफ मगर देख कर भी कर रहे अनदेखी।
अब लगातार हो रही शिकायतो के बाद अधिकारी आए हरकत में। जिस पर प्रतिदिन हो रहे बड़े पैमाने पर बड़े मामले उजागर ।
गांवों में चल रही नरेगा से यह आई यह शिकायते
सर नमस्कार, हमारे गांव में लंबे समय से मनरेगा में धांधली हो रही है । जिसमें समस्त पंचायत स्टाफ़ की मिली भगत है। एक-एक मेट को दो-दो और व तीन-तीन साइड दी जा रही है बहुत से मेट की योग्यता भी नहीं है और जिन मेटो के नाम मस्टररोल में लिखे जा रहे हैं वह मेट कभी मनरेगा में जाते ही नहीं है जबकि जो लोग मस्टररोल संभालते हैं वह असल में मेट ही नहीं है । नरेगा में 70 लेबर का हर एक साइड पर मस्टररोल होता है । जिसमें से केवल दस पन्द्रह लेबर साइड पर मौजूद रहती है और हाज़िरी सभी लेबर की लगायी जाती हैं । सभी मेटो के पास 2-2 फ़ोन है जो फ़ोटो पहले से खींच हुई होती है उसमें से दूसरे फ़ोन से फ़ोटो लेते हैं और कनिष्ठ लिपिक प्रति साइड से 1 एक सप्ताह के पाँच हज़ार रुपये लेता है और कभी वे नरेगा का निरीक्षण करने नहीं जाता है । साइड पर एक ही मेट मौजूद रहता है बाक़ी नाम मेटो के द्बारा फ़र्ज़ी लिखे जाते हैं । इस सभी धाँधली में ग्राम के समस्त स्टाफ़ की मिलीभगत है। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर शिकायत करने के बाद जब उच्च अधिकारियों को आपके द्वारा ये लेटर भेजा जाता है । फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। इससे बेहतर यह होगा कि जिला परिषद अजमेर से बिना ग्राम पंचायत को सूचना दिए कार्यों का निरीक्षण करने पर सब सामने आ जाएगा।
अन्य गांव से आई शिकायत
सर अब जो वीडियो बनाने का सिलसिला लागू हुआ है । नरेगा में उसमे एक ही साइड पर पूरी लेबर नहीं आती है । मगर वीडियो बनाने के लिए पास में चल रही दूसरी साइड से लेबर को बुलाया जा रहा है और सेम टू सेम वो ही लेबर दो तीन साइडो पर काम कर रही है । मतलब की उनकी फोटो सभी साइडो पर आ रही है और सर छः नंबर पंचायत में नहीं काटे जाते है मेट अपने हिसाब से जिसको लगाना है उसी लेबर को लगा रहे है । इससे ग़रीब और जिसको नरेगा में लगाना चाहिए उसको ना लगाकर अमीर घराने की औरतो को लगाते है । क्योंकि ये जाती नहीं है जिससे मेट और LDC का अच्छा ख़ासा जुगाड़ हो जाता है। कई LDC के पास तीन ग्राम पंचायत का चार्ज है ,एलडीसी को पहले कई बार अवगत कराया कि फ़र्जीवाडा ना करे मगर ये बोलता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि सभी अधिकारी मेरे मिलने वाले है और गाँव के जो जो मुखिया है मेरा ही पक्ष लेते है हमेशा इसी पॉवर में रहता है।
ऐसी शिकायते कई जगहों से मिल रही है


