राजगढ़ धाम पर नशा मुक्ति अभियान में उमड़ा आस्था का सैलाब
राजगढ़ धाम पर नशा मुक्ति अभियान में उमड़ा आस्था का सैलाब
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । अजमेर जिले के सुप्रसिद्ध सर्वधर्म धार्मिक स्थल श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर रविवार को श्रद्धालुओ की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। धाम के उपासक चम्पालाल महाराज ने सर्वप्रथम मंदिर परिसर में बाबा भैरव व माँ कालिका के साथ चक्की वाले बाबा तथा सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की पूजा अर्चना की। चम्पालाल महाराज के सानिध्य व प्रकाश जैन अध्यक्ष सर्वधर्म मैत्री संघ अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में धाम पर अजमेर जिले व प्रदेश को पूर्णतया नशामुक्त हो जिसके लिये मुख्य मंदिर चक्की वाले बाबा के मंदिर से धाम तक विशालकाय रैली निकाल कर स्वेच्छा से नशा मुक्ति का संकल्प दिलवाया। तत्पश्चात् श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महाराज ने कहा कि नशा विनाश का मूल कारण है व नशा ही समस्त बुराईयों की जड़ है नशे का त्याग करना चाहिए। नशे के ज्यादा सेवन से दुर्घटनाओं व कैंसर जैसी बीमारियों से अधिकतर लोग असमय अकाल मृत्यु को प्राप्त होते हैं। नशा हमारी संस्कृति व देश के लिए बिलकुल सही नहीं है। युवा पीढ़ी के कई युवा जिनको नशे की लत लग चुकी है उनका भविष्य अंधकारमय है। दुर्घटनाओं में अपंगता व मृत्य, समाज में गरीबी व भयंकर बीमारियों से अकाल मृत्य का मूल कारण नशा ही होता है। धाम पर आए हजारों श्रद्धालुओं ने चम्पालाल महाराज की प्रेरणा स्वरूप अपने दोनों हाथ उठाकर जीवन में दोबारा नशा नहीं करने का संकल्प लिया। साथ ही भिक्षावृत्ति को समाज का कलंक बताते हुए उससे मुक्त कराने का संकल्प दिलाया। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि धाम पर आए हुए श्रद्धालुओं के लिए़ श्री मसाणिया भैरवधाम राजगढ चैरिटेबल ट्रस्ट के सौजन्य से शनिवार की पूरी रात निःशुल्क चाय की व्यवस्था की गई। सेन ने बताया कि नशा मुक्त समाज को बढ़ावा देने के लिए राजगढ़ धाम पर पिछले कई दशकों से नशामुक्ति महाअभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत श्रद्धालुओं को नशा मुक्त करने हेतु प्रेरित किया जाता है व उनसे संकल्प दिलाया जाता है तथा नशे से मुक्त किया जाता है और नशामुक्ति महाअभियान राजगढ़ भैरव धाम की पहचान बन चुका है। धाम पर हजारों की भीड़ के चलते श्रद्धालुओ को अपनी बारी के लिये घण्टो तक इन्तजार करना पड़ा जिसके बाद सभी ने बाबा भैरव,माँ कालिका के दर्शन करते हुए सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ कर परिक्रमा कर चमत्कारी चिमटी प्राप्त करने के पश्चात मुख्य स्थान चक्की वाले बाबा के मंदिर पर राजा रानी कल्पवृक्ष के भी परिक्रमा करी।


