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दिव्यांग निकलेंगे स्वाभिमान यात्रा पर,सरकार बढ़ा सकती हैं पेंशन

सरकार के खिलाफ एक बार फिर उतरेंगे दिव्यांग सड़कों पर

14 दिनों में 28 किलोमीटर पैदल चलेंगे दिव्यांग

गुना। आप सबको याद ही होगा की गुना जिले की राघोगढ़ तहसील से 7 नवंबर 2022 को दिव्यांगों के द्वारा प्रदेश स्तर की पदयात्रा राघोगढ़ तहसील से जिला मुख्यालय तक शुरू की गई थी, 9 नवंबर को इस यात्रा को मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीग विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के द्वारा इस शर्त पर स्थगित करवाया गया था की दिव्यांगों की 16 सूत्री मांगों को मध्य प्रदेश सरकार 3 माह में पूरा करेगी एवं दिव्यांगों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के पास जाकर अपनी बात रख सकेगा और इस प्रतिनिधिमंडल की पूरी व्यवस्था स्वयं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया करेंगे, 7 फरवरी को इस यात्रा को स्थगित हुए 3 माह पूरे हो रहे है लेकिन इन तीन माह में मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगों की कोई सुध नही ली, दिव्यांगों ने दौराना चौराहा पर अपनी पदयात्रा को स्थगित किया था, दिव्यांग स्वाभिमान पदयात्रा के मीडिया प्रभारी सुनील पंत के द्वारा जानकारी दी गई कि 28 फरवरी से दिव्यांगों की स्वाभिमान पदयात्रा उसी दौराना चौराहा से शुरू होगी जहां से इस यात्रा को स्थगित किया गया था, साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि इन 3 महीनों में दिव्यांगों के द्वारा हर वह प्रयास किया गया कि वह मुख्यमंत्री के पास जाकर अपनी बात रख सकें एवं यह प्रयास भी किया गया की दिव्यांगों की 16 सूत्री मांगों पर मध्य प्रदेश सरकार विचार करें और उन्हें पूरा करें, शीतकालीन सत्र में भी दिव्यांगों की मांगों पर सरकार के द्वारा कोई विचार नहीं किया गया ऐसे में दिव्यांगों ने एक बार फिर स्वाभिमान पदयात्रा करने का ऐलान किया है गुना जिले की आरोन तहसील में दिव्यांगों के द्वारा एक बड़ी बैठक आयोजित की गई इस बैठक में गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शिवपुरी, उज्जैन, धार, ग्वालियर सहित 10 – 15 जिलों के दिव्यांग प्रतिनिधि सम्मलित हुए और एक मत होकर इस यात्रा को अपना समर्थन दिया एवं इस यात्रा की तारीख का एलान किया, दिव्यांगों का कहना है कि हमारे पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता इसलिए एक बार फिर हम सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है, इस बार यात्रा का नेतृत्व मलखान सिंह यादव के द्वारा किया जाएगा।

दिव्यांग स्वभिमान पद यात्रा की ये रहेंगी 16 सूत्रीय मांगे

16 सूत्रीय मांगे –

1) पेंशन को 5000/- प्रतिमाह किया जायें।

2) सभी दिव्यांग भर्तीयों में बैकलॉग के रिक्त पद दिये जायें।

3) दिव्यांगो के लिये 5 लाख तक का लोन अनिवार्य रूप से दिया जाये। इसके लिये प्रत्येक जिले मे एकल खिड़की की व्यवस्था की जायें।

4) यदि दोनों दिव्यांग है तो 2 लाख और यदि एक दिव्यांग है तो 5 लाख रूपये दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन राशि दी जाये एवं जिला स्तर पर ऐसे दम्पित्तियों को सम्मानित किया जाये ताकि दिव्यांग व्यक्ति से विवाह के प्रति समाज में एक सकारात्मक संदेश पहुंच सकें।

5) केन्द्र सरकार के द्वारा दिव्यांग अधिनियम 2016 के तरह म.प्र. दिव्यांग अधिनियम 2017 में
अत्याचारों के अपराध के लिये दण्ड की व्यवस्था की धारा जोड़ी जायें।

6) सामाजिक न्याय एवं निशक्त जन कल्याण मंत्रालय से निसक्त जन कल्याण मंत्रालय को अलग किया जायें।

7) पंचायत, नगरीय निकाय, विधानसभा, संसद के सभी पटलो पर दिव्यांगो को अलग से प्रतिनित्धिव दिया जायें।

8) दिव्यांगो के लिये आयुक्त एवं मुख्य आयुक्त के पद पर दिव्यांग व्यक्ति को ही नियुक्त किया जायें।

9) आवासहीन दिव्यांगो के लिये पट्टा वितरण कर आवास एवं शौचालय उपलब्ध कराया जायें।

10) आउटशॉर्स भर्ती में दिव्यांगो के लिये 20 प्रतिशत अनिवार्य रूप से आरक्षण दिया जायें।

11) दिव्यांगो के यू.डी. आई.डी. कार्ड को हर विभाग में व्यवाहारिक रूप से लागू किया जायें।

12) ग्रामीण शहरी अंचल की दिव्यांग खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु निःशुल्क खेल सामग्री
एवं ट्रेनिंग सेन्टर तहसील एवं जिला स्तर पर स्थापित हो। जिससे की वह प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रिय स्तर पर मेडल जीतकर अपने जिले एवं राज्य को गौरवान्वित कर सकें।

13) दिव्यांगो का आरक्षण हॉरीजोनटल से वर्टिकल किया जाये।

14) शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के सभी क्षेत्रों में दिव्यांगो को निःशुल्क शिक्षा एवं निःशुल्क छात्रावास का प्रावधान हो छात्रावास उपलब्ध न होने की स्थिति में क्षेत्रवार आवास भत्ता उपलब्ध कराया जायें।

15) सभी जिलों में दिव्यांग सहायता केन्द्रो की स्थापना हो जो कि दिव्यांगो को शासन की योजनाऐं समझाकर उनका समुचित क्रियान्वयन कर करें।

16) दिव्यांग दम्पत्ति के दो बच्चों की नर्सरी से उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई निःशुल्क हो।

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