हरे पेड़ों की हो रही बेरहमी से कटाई, प्रशासन बना हुआ है मूक
हरे पेड़ों की हो रही बेरहमी से कटाई, प्रशासन बना हुआ है मूक
पंडित पवन भारद्वाज / दिव्यांग जगत
बानसूर के शिवपुरी हाजीपुर निवासी बृजभूषण कौशिक ने बताया कि ग्राम चूला के खसरा नंबर 78 में निजी वन विकास हेतु कुछ जमीन आवंटित हुई थी। जिसमें आवंटी द्वारा व हमारे बुजुर्गों द्वारा काफी सालों से करीब 1500 पेड़ पौधे लगाकर उनकी परवरिश की थी। जिनमें मुख्यत बबूल, नीम, खैरी, बीलपत्र, आवंला, करौंदा, बड़, पीपल इत्यादि है। ये छायादार पेड़ पर्यावरण को हरित एवं प्रदूषण रहित बनाते हैं। जिन्हें कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा साजिश के तहत बड़ी बेरहमी से काटा जा रहा है।
जिससे प्रशासन को कई बार अवगत करवा दिया गया था, धीरे-धीरे पेड़ों की संख्या कम होते आ गई पेड़ों की कटाई का विरोध करने पर वहां रहने वाले हमारे बुजुर्गों के साथ झगड़ा कर मार पिटाई करने को उतारू रहते हैं। हमारे द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है तथा पेड़ों की हो रही अंधाधुंध कटाई को रोकने हेतु अधिकारियों से बार-बार आग्रह किया गया है। किंतु अधिकारी एवं प्रशासन पेड़ों की कटाई रोकने के बजाय मूक बनकर पर्यावरण को हो रही इस क्षति को बर्दाश्त कर रहे हैं।
असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार पेड़ पौधों की कटाई की जा रही है, लेकिन उनके खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। यही हाल रहा तो निकट भविष्य में यहां पेड़ों के बजाय ठूंठ दिखाई देंगे जो कि हमारे लिए बड़े ही शर्मनाक बात है। हमें पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर इस कटाई को रोकने तथा पेड़ों की कटाई करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आवाज उठानी है और सामाजिक वानिकी को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाकर वन क्षेत्र को फिर से हरा भरा बनाना है जिससे अधिक वर्षा जल एवं शुद्ध वातावरण प्राप्त हो सके।


