पृथ्वीराज चौहान वंश के नीमराना के अंतिम शासक राजा राजेंद्र सिंह की 31वीं पुण्यतिथि पर किए श्रद्धासुमन अर्पित
पृथ्वीराज चौहान वंश के नीमराना के अंतिम शासक राजा राजेंद्र सिंह की 31वीं पुण्यतिथि पर किए श्रद्धासुमन अर्पित
पंडित पवन भारद्वाज दिव्यांग जगत
एंकर- मुण्डावर विधानसभा क्षेत्र के नीमराणा कस्बे में ऐतिहासिक रानी की कोठी पर नीमराणा के अंतिम शासक महाराज राजेंद्र सिंह चौहान की 31वीं पुण्यतिथि पर महारानी लक्ष्मी देवी,सुनीता सिंह चौहान,युवराज सिंह,ख्याती सिंह,लक्ष्यराज के मुख्य आतिथ्य में उनके चित्र समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि युवराज सिंह,सत्यपाल सिंह सरपंच,सुरेश चौहान,देवीसिंह चौहान,योगेन्द्र सिंह,गुमान सिंह,प्रताप सिंह,अशोक,विकास,महेन्द्र सिंह राजपूत सभा बावल,एडवोकेट मानसिंह चौहान,शिम्बूसिंह चौहान,युवा समाजसेवी कर्मपालसिंह चौहान,सुनील कुमार सैन,दुलीचंद मोरोडिया,शिक्षाविद् पवन यादव,सीमा प्रजापत,ईशा, अंजलि,नीतू, अंजना रहे।विदित रहे राजा राजेंद्र सिंह का जन्म 4 जनवरी 1921 में नीमराना महल में हुआ।महाराजा राजेंद्र सिंह कि शिक्षा की शुरुआत देहरादून के कर्नल ब्राउन स्कूल में हुई।महाराज एक समाज सुधारक विचारों के व्यक्ति थे उन्होंने गांव के लोगों में शिक्षा का प्रचार- प्रसार,गांव -गांव ,ढाणी -ढाणी जाकर किया।शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने निजी संपत्ति तबेले में प्राथमिक पाठशाला शुरुआत की तो वहीं बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपनी मां के नाम पर राजमाता हीर कुंवर कन्या पाठशाला शुरू करवाई जिसे अब कन्या पाठशाला, राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय के नाम से जाना जाता है।अप्रैल 1945 से 1948 तक नीमराना रियासत का विलय भारत में देशी रियासतों का एकीकरण के तहत भारत में विलय किया गया।तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को अपना खजाना जनता के लिए 642रियासत में पहले राजा राजेंद्र सिंह थे जिन्होंने अपना खजाना जनता के सुपुर्द किया था।युवा नेता रिंकू बड़सीवाल ने बताया कि राजा के पूर्वजों ने जनता के लिए तालाब,कुएं,बावडी ,मंदिर किले आदि का निर्माण सहित अनेक कार्य किए।महिला शिक्षा,बाल विवाह पर जनता को जागरूक किया।इस मौके पर प्रिया,कोमल,ज्योति ,रितेश, दीपक,नीरज,सुजीत,यशवंत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


