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पाले से बचाव के लिए किसान करें यह उपाय

पाले से बचाव के लिए किसान करें यह उपाय

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । वर्तमान समय में रबी की फसल को पाले से बचाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपयों को अपनाने की सलाह दी गई है।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक बुद्धि प्रकाश पारीक ने बताया कि शीत लहर से दिन और रात के तापमान में गिरावट के कारण पाला पडने की संभावना बनी हुई है। इन विषम परिस्थितियों से फसलों को बचाने के लिए कृषकों को उपाय करने की सलाह दी गई है। फसलों में क्रान्तिक अवस्थाओं में सिंचाई करें। फसलों में निराई-गुड़ाई करने से भूमि की नमी संरक्षित हो सकेगी।फसलों से खरपतवार निकालकर कतारों के बीच बिछाकर मल्चिंग करें।पानी के अनुकुलतम उपयोग के लिए पाईप लाईन, सिचाई की पक्की नालियों का इस्तेमाल करें तथा यथा संभव स्पि्रकंलर एवं ड्रिप सिंचाई पद्धति से सिंचाई करें।फसलों को पाले एवं शीत लहर से बचाने के लिए फसलों की सिंचाई करें। उन्होंने बताया कि पाला पडने की संभावना वाली रात को खेत के उत्तरी-पश्चिमी दिशा से आने वाली ठण्डी हवा की दिशा में खेतों के किनारे पर, बोई हुई फसल के आस-पास तथा मेडों पर रात्रि में कूडा कचरा या अन्य व्यर्थ घास फूस जलाकर धुआं करें। यथा संभंव संवेदनशील फलदार पौधे एवं सब्जियों को टाट के टुकड़ों से ढकें।
उन्होंने बताया कि पाला पडने की संभावना वाले दिनों में फसलों पर गन्धक के तेजाब के 0.1 प्रतिशत घोल का छिडकाव करना चाहिए। इसके लिए एक लीटर गन्धक के तेजाब को 1000 लीटर पानी का घोल बनाकर एक हैक्टर क्षेत्र में प्लास्टिक के स्प्रेयर से छिडकाव करें। पाले की संभावना बनी रहने पर तेजाब के छिडकाव को 15-15 दिन के अन्तर से दोहरावें।

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