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श्री कृष्णा- रुकमणी विवाह एवं गोपियों के विरह का प्रसंग सुनाया

श्री कृष्णा- रुकमणी विवाह एवं गोपियों के विरह का प्रसंग सुनाया

पंडित पवन भारद्वाज /दिव्यांग जगत

मुंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम पेहल में चल रही भागवत कथा के छठे दिन रविवार को कथावाचक साध्वी राधा किशोरी ने रुक्मणी विवाह और गोपी विरह की कथा का प्रसंग सुनाया। कथावाचक के दौरान रविवार को पूर्व पंचायत समिति प्रधान रोहताश चौधरी, एडवोकेट अखिलेश कौशिक, अपर लोक अभियोजक रामावतार चौधरी एवं समाजसेवी राजेंद्र चौधरी ने पहुंचकर भागवत कथा का श्रवण किया। प्रवचन में साध्वी राधा किशोरी ने रुकमणी श्री कृष्ण के विवाह का मंचन कर धूम मचाई। वही गोपी विरह प्रसंग में बताया कि श्री कृष्ण वृंदावन छोड़ कर मथुरा आने पर वृंदावन की गोपियां श्री कृष्ण के विरह में इतनी उदास हो गई कि गोपियों ने श्रीकृष्ण को वृंदावन में आने के लिए बार- बार संदेशा भेजा। लेकिन श्री कृष्ण राजकार्य में तल्लीन होने के कारण उन्होंने अपने भाई बलराम को गोपियों को सांत्वना देने के लिए भेजा। लेकिन गोपियां श्री कृष्ण के दर्शन को लालायित थी कि वे बलराम की कोई बात सुनने के लिए तैयार ही नहीं थी। कथा वाचन के दौरान श्रोता श्री कृष्ण भक्तिमय हो गए। कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधान पंचायत समिति रोहताश चौधरी, अखिलेश कौशिक, रामअवतार चौधरी एवं राजेंद्र चौधरी ने कथावाचक साध्वी को शॉल ओढ़ा कर सम्मान किया। इस दौरान पूर्व प्रधान ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीणों में भक्ति की भावना जगती है। आयोजकों ने भी अतिथियों का साफा माला पहना कर स्वागत किया। इस मौके पर

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