लोहरवाड़ा मे जयगुरुदेव महाराज के परम शिष्य पकंज महाराज का हुआ आधात्मिक सत्संग
लोहरवाड़ा मे जयगुरुदेव महाराज के परम शिष्य पकंज महाराज का हुआ आधात्मिक सत्संग
सैकड़ों की संख्या मे आये सत्संगियों ने लिया धर्मलाभ
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व विख्यात सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के एकमात्र उत्तराधिकारी पूज्य पंकज जी महाराज के सानिध्य में 27 अगस्त से निकली 82 दिवसीय आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण धर्म यात्रा शुक्रवार की सायं काल 56 वें पड़ाव मे लोहरवाड़ा ग्राम मे पहुंची। जहाँ शनिवार को जयगुरुदेव सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। जन समाज सेवा संस्था के प्रा. अध्यक्ष जीवराज जाट, जिला संगत के अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी, रतन राव ग्राम पं. सचिव, पूरनमल उदय पत्रकार, हगामीलाल माली सरपंच, घूरन प्रसाद जि. अध्यक्ष संगत मीरजापुर आदि ने पुष्प हार भेंट कर संस्था प्रमुख का स्वागत किया। तत्पश्चात पूज्य पंकज जी महाराज ने आगन्तुकों को सम्बोधित करते हुये कहा सन्त महात्मा का उपदेश सारी दुनिया के लोगों के लिये होता है। वे समदर्शी होते हैं । किसी से भेदभाव नहीं करते। वे जीवन के असली लक्ष्य को समझाने और प्रभु प्राप्ति की युक्ति बताने आते हैं। साथ ही आने वाली दुःखदाई समय से सचेत करने व बचाने का रास्ता बताने आते हैं। यह मनुष्य शरीर बेस कीमती है। इस शरीर में ईश्वर की अशं जीवात्मा दोनों आंखों के मध्य भाग में बैठी है। इसमें देवी, देवताओं, ब्रह्म, पारब्रह्म आदि लोकों को देखने की दिव्य आंख (तीसरी आंख) तथा प्रभु के देश से आने वाली आकाश वाणियों को सुनने के दिव्य कान (तीसरा कान) है। जब प्रभु प्राप्ति वाले सन्त महात्मा फकीर मिल जायेंगे। साधना का रास्ता सुरत-शब्द योग बता देंगे तो आप साधना करेंगे तो आप प्रकाश के चौड़े मैदान में खड़े हो जायेंगे। अनहद वाणियों को सुनकर रोम-रोम पुलकित हो जायेगा। इसलिये सन्त सतगुरु का मिलना जरूरी है। तभी मानव जीवन सफल होगा।
‘‘धनवंते सब ही दुःखी, निर्धन दुःख स्वरूप, साधु सुखी सहजो कहे, पाया भेद अनूप।’’ को उद्धृत करते हुये बताया कि सौ वर्ष पहले लोग झोपड़ियों में रहा करते थे, तो परिवार के सभी लोग एक साथ बैठकर भोजन करते थे। निश्चित होकर सो जाया करते थे। गांवों में मामूली वैद्य से सभी का इलाज हो जाया करता था। गांवों में विवाद का समाधान आपस में बैठकर कर लिया करते थे। दस-बीस किलोमीटर के अन्दर लोगों का संसार हुआ करता था। उस समय भी महात्माओं ने दुनियां के लोगों को दुःखी बताया। आज लोग उंचे-उंचे महलों में रहते हैं। बड़े-बड़े अस्पताल बने हुये हैं फिर भी अस्पतालों में जगह नहीं है। मरीज बरामदें में पड़े रहते हैं। कचहरियों में इतनी भीड़ रहती है जैसे कोई धर्म स्थल हो। डाक्टर, वकील, जज, इंजीनियर किसी को फुर्सत नहीं, सभी के चेहरों पर चिन्ता की लकीरें दिखाई पड़ती हैं। इतना विकास होने के बाद भी महात्मा ने लोगों को दुःखी ही कहा। ऐसी तरक्की का क्या फायदा जहां कीमतें और कद्रें न रहें। ये तरक्की का कसूर नहीं है। मनुष्य को मशीन का मालिक बनना चाहिये था। सबको रोटी, कपड़ा, मकान मिलना चाहिये था। हिन्दू मुसलमान, सिख-इसाई सभी को भाई-चारे के साथ रहना चाहिये था। एक-दूसरे के काम आते। हम मशीनों के मालिक न बनकर पुर्जे बन गये। सन्तों-महात्माओं ने बताया कि नाशवान क्षणिक पदार्थों से कभी सुख शान्ति नहीं मिल सकती। सुखी वही है जिसने महात्मा का संग करके अपने मन को दुनियां से निकालकर प्रभु के भजन में लगा दिया।
ये नई-नई बीमारियों का कारण अशुद्ध खानपान,कीटनाशकों और रासायनिक खादों का प्रयोग है। इस संसार के सामानों से सुख तब मिलेगा, जब तक हम अपने गुरु की उंगली पकड़े रहेंगे। जिस प्रकार मेले में बच्चा जब तक पिता की उंगली पकड़े रहता है वह मेले के सामानों को देखकर खुश होता है। लेकिन उंगली छूट जाने पर मेले के वही सामान सुख नहीं देते है। वह रोता हुआ घूमता रहता है।
आगामी 1 से 5 दिसम्बर तक जयगुरुदेव मन्दिर मथुुरा में आयोजित होने वाले पूज्यपाद स्वामी घूरेलाल जी महाराज ‘‘दादा गुरु जी’’ के वार्षिक भण्डारा महापर्व में भाग लेने का उन्होंने निमन्त्रण दिया, कहा आप महापर्व पर पधारें और दया-दुआ आशीर्वाद प्राप्त करें। यहॉ जयगुरुदेव बरदानी मंदिर बना है, जहॉ बुराईयां चढ़ाकर मनोकामनायें पूरी होती है।
इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी प्रबन्ध समिति के सदस्य एवं सुनील सोनी, सुखराम माली, अलगू सिंह, अतुल केशरी, पी.के.पाल, पत्रकारगण पूरणमल उदय , राजेश वर्मा , विजय कुमार पाराशर , मुकेश वैष्णव , जितेन्द्र कुमार, राजेन्द्र वर्मा , शेलेन्द्र गोयल, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग किया। सत्संग के बाद जनजागरण यात्रा मियापुर तहसील नसीराबाद जिला अजमेर के लिये प्रस्थान कर गई। वहां 23 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे से सत्संग समारोह आयोजित होगा ।


