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12 लाख अभ्यर्थियों नौकरी के लिए कर रहे है 7 साल से लम्बा इंतजार, सरकार ने कहा- भर्ती निरस्त

12 लाख अभ्यर्थियों नौकरी के लिए कर रहे है 7 साल से लम्बा इंतजार, सरकार ने कहा- भर्ती निरस्त

शिक्षा सहायक भर्ती – 2013 व विधालय सहायक भर्ती – 2015 का है मामला

सुखराम मीणा / दिव्यांग जगत

जयपुर-( सुखराम मीणा )- 27 हजार विद्यार्थी मित्रों के लिए 2013 में 33 हजार पदों पर शिक्षा सहायक भर्ती निकाली गई। इसमें एक साल के अनुभव के लिए 10, दो साल पर 20 व 3 साल पर 30 अंक देने का प्रावधान था। बोनस अंकों को लेकर विवाद हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और भर्ती को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी भी मिल गयी थी साथ ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शिक्षा विभाग द्वारा मेरिट लिस्टे भी जारी कर दी गयी थी लेकिन सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति के कारण भर्ती को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका उसके बाद। तत्कालीन सरकार ने 13 दिसंबर 2014 को शिक्षा सहायक भर्ती रद्द कर इसके स्थान पर 33,493 पदों पर विद्यालय सहायक के नाम से नई भर्ती की घोषणा की।

सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे विद्यार्थी मित्रों सहित 12 लाख उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जिन्होंने विद्यालय सहायक भर्ती के लिए आवेदन किया था। सरकार ने हाल में विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया है कि यह भर्ती रद्द हो चुकी है। दूसरी ओर, अभ्यर्थी यह समझ रहे थे कि इस भर्ती का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और उम्मीद कर रहे थे कि उनके हक में फैसला आ सकता है। बता दें कि पांच साल पहले 21 जुलाई, 2015 को राज्य सरकार ने संविदा पर काम कर रहे विद्यार्थी मित्रों के समायोजन के लिए यह भर्ती निकाली थी। इसमें 33,493 पद थे। इन पदों के लिए 12,03,013 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

शिक्षा सहायक से विद्यालय सहायक तक यूं आगे बढ़ी प्रक्रिया-

27 हजार विद्यार्थी मित्रों के लिए 2013 में 33 हजार पदों पर शिक्षा सहायक भर्ती निकाली गई। इसमें एक साल के अनुभव के लिए 10, दो साल पर 20 व 3 साल पर 30 अंक देने का प्रावधान था। बोनस अंकों को लेकर विवाद हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। तत्कालीन सरकार ने 13 दिसंबर 2014 को शिक्षा सहायक भर्ती रद्द कर इसके स्थान पर 33,493 पदों पर विद्यालय सहायक के नाम से नई भर्ती की घोषणा की। इसमें वर्ष के अनुभव के हिसाब से 5, 10 और 15 अंक और साक्षात्कार के 15 अंक का प्रावधान रखा गया। यह भर्ती भी पुरानी भर्ती की तर्ज पर बोनस अंकों के विवादों में फंस गई और मामला फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। अब तक कोर्ट से किसी प्रकार का निर्णय नहीं आया है। विधानसभा में यह जानकारी मिली है कि यह भर्ती रद्द हो चुकी है।

सामान्य के लिए 275 रुपए शुल्क, रिजर्व कैटेगिरी के लिए 175 रुपए
इस भर्ती में सामान्य, ओबीसी और एमबीसी (क्रीमीलेयर) के लिए शुल्क 275 रुपए, एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमीलेयर) के लिए 175 रुपए निर्धारित किया गया था। आवेदनों से ही सरकार के खाते में 25 करोड़ रुपए जमा हो गए। एफडी के हिसाब से इस राशि का पांच साल का ब्याज ही पांच करोड़ रुपए बन रहा है।

फैक्ट फाइल-

  1. विद्यालय सहायक भर्ती के आवेदनों से ही आए 25 करोड़ रुपए!
  2. पांच साल का ब्याज ही पांच करोड़ पार!

पांच साल पहले सरकार ने संविदा पर काम कर रहे विद्यार्थी मित्रों व अन्य विभागों मे लगे हुए समस्त विभागों के संविदा कार्मिको के लिए यह भर्ती निकाली थी!

पिछली सरकार ने किया था निरस्त: मंत्री

” राजस्थान सरकार की लेट लतिफी लापरवाही के कारण विद्यालय सहायक भर्ती सात साल से कोर्ट में अटकी हुई है और शिक्षा सहायक भर्ती- 2013 कोर्ट से क्लीयर होने के बावजूद पिछले 9 साल से कोई नियुक्ति नही दी जा रही है। इन भर्तियो का शुल्क लौटाने और भर्ती रद्द होने की सूचना आवेदन कर्ता को कभी भी नही दी गई है, जबकि हाल ही मे पंचायती राज की कनिष्ठ लिपिक भर्ती- 2013 की भर्ती सूची का कैलेंडर आज जारी कर दिया गया है, अगर वो भर्ती 9 साल बाद हो सकती हैं तो शिक्षा सहायक- 2013 और विधालय सहायक- 2015 क्यो नही हो सकती जिसका प्रदेश के लगभग 12 से 15 लाख शिक्षित प्रशिक्षित विद्यार्थी मित्रों सहित समस्त विभागों के संविदा कार्मिक अभ्यर्थीयो को इन भर्तियो का पूरी होने इंतज़ार हैं, समय रहते सरकार इन संविदा कार्मिको की भर्तियो को पुरा नही करती हैं तो पूरे प्रांत में जन व्यापी आंदोलन किया जायेगा एवं चुनावो मे कांग्रेस सरकार का बहिष्कार किया जायेगा “।

  • दीपक सिंह, अलवर-
    ( पूर्व प्रदेश अध्यक्ष,
    राजस्थान विधार्थी मित्र शिक्षक संघ- राजस्थान)

“राजस्थान सरकार को संविदा कार्मिकों के लिए शिक्षा सहायक भर्ती या विद्यालय सहायक भर्ती में से से किसी भी एक भर्ती को पूर्ण कर संविदा कार्मिकों को नियमित रोजगार दिया जा सकता है साथ ही इनका कहना है बीजेपी सरकार ने 2017 में पंचायत सहायक के नाम से आधी अधूरी भर्ती निकाली जिससे आज तक पंचायत सहायको का शोषण हो रहा है! शिक्षा सहायक 2013 भर्ती को री ओपन कर संविदा कार्मिकों को रोजगार दिया जाए”! -प्रवीण अग्रवाल, अजमेर

(अजमेर जिला अध्यक्ष- विधार्थी मित्र पंचायत सहायक संघ)

“राजस्थान सरकार राजस्थान के समस्त संविदा कार्मिकों के हितों को ध्यान मे रखते हुए अविलंब शिक्षा सहायक भर्ती 2013 जिसकी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की लिस्टे भी आउट हो चुकी है, और विद्यालय सहायक भर्ती 2015 जिसके नियम व नियमावली आज तक भी सरकार के फाइलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं उक्त दोनों भर्तियों के माध्यम से किसी भी एक भर्ती को पूर्ण कर राजस्थान के सभी विभागों के संविदा कार्मिकों को स्थाई रोजगार प्रदान कर अपने घोषणा पत्र में संविदा कार्मिको को नियमित करने वाले अपने वादों को अमलीजामा पहना सकती हैं साथ ही शिक्षा सहायक भर्ती -2013 गहलोत सरकार की ही निकाली हुई भर्ती है युवाओ को विश्वास भी है की गहलोत सरकार अपनी पुरानी गलती दोहराकर एक बड़े वोट बैंक को नाराज नही करेगी और शिक्षा सहायक भर्ती-2013 को पूर्ण करवाने मे अपनी महती भूमिका निभायेगी”
– सुखराम मीणा, बानसूर, अलवर
(प्रदेश शिक्षा सहायक व सहायक संघर्ष समिति सदस्य व प्रदेश संयोजक अखिल राजस्थान वंचित विधार्थी मित्र शिक्षक संघ- राजस्थान)

“राजस्थान सरकार शिक्षा सहायक भर्ती री ओपन करके 33689 परिवारों को स्थायी रोजगार देती हैं तो युवा कांग्रेस सरकार के हमेशा आभारी रहेंगें”।
– दिग्विजय सिंह राणावत
(ब्लॉक कोटडी ,जिला भीलवाड़ा)

“शिक्षा सहायक भर्ती -2013 को पूर्ण करवाया जाए, जिससे गत 4-5 वर्षो से बेरोजगारी का धंश झेल रहे वंचित विधार्थी मित्रों सहित अन्य विभागों के संविदा कार्मिकों को स्थायी रोजगार मिल सके “!

  • यशवंत आमेटा
    प्रदेशअध्यक्षा
    (राजस्थान वंचित विधार्थी मित्र शिक्षक संघ)
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