सनातन धर्म से मिलती है संस्कार , संस्कृति व अनुशासन की शिक्षा,,,, राधा रानी वृंदावन
सनातन धर्म से मिलती है संस्कार , संस्कृति व अनुशासन की शिक्षा,,,, राधा रानी वृंदावन
(पंडित पवन भारद्वाज)(दिव्यांग जगत)
मुण्डावर उपखण्ड के बीजवाड़ चौहान के ऐतिहासिक शेरावाली माता मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन कलश यात्रा माता मंदिर परिसर से नगर परिक्रमा देते हुए माता मंदिर परिसर में महा आरती के साथ श्रीमद्भागवत का कार्यक्रम का शुभारंभ किया । इसके बाद कथावाचक राधा रानी ने उपस्थित भक्तों को प्रवचन में कहा कि सनातन धर्म सबसे प्राचीन है । जिसमें सभी संस्कृति प्रकृति व शिक्षा सहित संस्कार समाहित है । हमारे ऋषि-मुनियों ने अपनी सच्ची त्याग तपस्या कर धर्म का प्रचार कर सनातन धर्म की ठोस नींव दी उनके संस्कार व अनुशासन आज की बढ़ती पश्चिम सभ्यता से बचाना बहुत जरूरी है । इस मौके पर बबूल गुरुजी, हेमा रिंकू गुप्ता, बिनु सैनी, राजेश सरपंच, चेतराम , टिंकल राजकुमार गुप्ता, अमर सिंह सैनी , नीतू महाजन, राम सिंह नंबरदार , नेतराम चौधरी, महाराम चौधरी, रिंकू चौधरी , सुरेंद्र शर्मा, बबलू सैनी सहित सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं बच्चे मौजूद रहे । यह कथा ग्रमीणो के जनसहयोग से हो रही है ।


