करीब पांच लाख रुपए के एरियर के भुगतान के एवज में मांगी थी घूस,
पवन कुमार जोशी/दिव्यांग जगत
करीब पांच लाख रुपए के एरियर के भुगतान के एवज में मांगी थी घूस,
डिपो मैनेजर की भी भूमिका संदिग्ध,
एसीबी जयपुर की हनुमानगढ़ में कार्रवाई
हनुमानगढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने गुरुवार को हनुमानगढ़ में जिला मुख्यालय पर कार्रवाई करते हुए रोडवेज परिचालक को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया। यह घूस करीब पांच लाख रुपए के एरियर के भुगतान के एवज में डिपो मैनेजर के नाम पर मांगी गई थी। ऐसे में एसीबी जयपुर की टीम घूसखोरी के इस खेल में हनुमानगढ़ रोडवेज डिपो के मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। यह कार्रवाई रोडवेज बस में तैनात ही एक अन्य परिचालक की शिकायत पर की गई। जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़ रोडवेज डिपो के एक परिचालक ने जयपुर एसीबी में शिकायत की कि हनुमानगढ़ डिपो की ही बस में परिचालक के पद पर तैनात विजय छाबड़ा की ओर से करीब पांच लाख रुपए के एरियर का भुगतान करवाने के एवज में डिपो मैनेजर के नाम से उससे घूस मांगी जा रही है।
सत्यापन करवाया तो रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सही पाई गई। इस पर एसीबी जयपुर की टीम ने गुरुवार को ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जाल बिछाया। परिवादी ने गुरुवार दोपहर को जैसे ही हनुमानगढ़ जंक्शन बस स्टैंड में परिचालक विजय छाबड़ा को रिश्वत राशि के 40 हजार रुपए पकड़ाए, घात लगाकर बैठी एसीबी जयपुर की टीम ने इशारा मिलते ही विजय छाबड़ा को रिश्वत राशि सहित धर दबोचा। मौके पर भीड़भाड़ व खुली जगह होने के कारण एसीबी जयपुर की टीम आरोपी को जिला कलक्ट्रेट के नजदीक स्थित एसीबी चौकी में ले गई और कागजी कार्रवाई निपटाई। साथ ही डिपो मैनेजर सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की। एसीबी जयपुर के अधिकारियों के अनुसार परिवादी ने जानकारी दी कि एरियर का भुगतान करवाना परिचालक के हाथ में नहीं होता। एरियर का भुगतान डिपो मैनेजर ही करवा सकता है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार इसलिए इस मामले में डिपो मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध है। इस संबंध में जांच की जा रही है।


