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करनीकोट चारागाह भूमि पर कब्जा करने की मची हौड़, हरे पेड़ों को कर रहे ध्वस्त, गौशाला जिलाध्यक्ष को दे रहे जान से मारने की धमकी

करनीकोट चारागाह भूमि पर कब्जा करने की मची हौड़, हरे पेड़ों को कर रहे ध्वस्त, गौशाला जिलाध्यक्ष को दे रहे जान से मारने की धमकी

पंडित पवन भारद्वाज
मुंडावर उपखण्ड क्षेत्र के करनीकोट गांव की साबी नदी चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने की मानो हौड़ सी मची है। चारागाह भूमि पर मौजूद झुंडे, हरे पेड़ों को धरासाही कर ट्रेक्टर से हल जोत कर अपना खेत बनाने का काम धडल्ले से करते हुए जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। जिन्हें रोकने के लिए ना तो स्थानीय ग्रामपंचायत की ओर से ओर ना ही स्थानीय प्रशासन की ओर से ही कोई कदम उठाया जा रहा है। गौशाला जिलाध्यक्ष रामनिवास थानेदार के नेतृत्व में हाल ही में 7 जुलाई को हरसौरा पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गौचर भूमि पर हो रहे अवैद्य कब्जे को लेकर शिकायत पत्र भी सौप चुके है। जिस पर जिला कलेक्टर की ओर से अतिक्रमण करियो पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था। परंतु अभी तक प्रशासन की ओर से अतिक्रमण करियो पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नही की जाने से गौशाला प्रबंधन में रोष व्याप्त है।
गौशाला समिति जिलाध्यक्ष को दे रहे जान से मारने की धमकी
राजस्थान गौशाला विकास समिति जिलाध्यक्ष रामनिवास थानेदार ने आरोप लगाया कि बाबा खेतानाथ गौशाला के समीप की गौचर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने को लेकर प्रशासन को उनके द्वारा शिकायत की जाने को लेकर स्थानीय अतिक्रमण कारी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे है। अतिक्रमण करियो की तरफदारी कर रहे करनीकोट ग्रामपंचायत सरपंच प्रतिनिधि कैलाश शर्मा के समर्थक गौशाला समिति पदाधिकारियों को गौशाला नही आने को लेकर कई बार धमका चुके है। साथ ही जिलाध्यक्ष को पंजाब के मुसावले की हुई हत्या के मुताबिक मरवा डालने की धमकी दी जा रही है। जिसकी शिकायत स्थानीय पुलिस थाना मुण्डावर में संवंधित लोगो के विरुद्ध शिकायत की जा चुकी है। फिर भी कोई कार्रवाई उक्त लोगो के विरुद्ध नही की गई।
अपने स्वार्थ पूर्ति की चाह में वन्य जीवों, हरे पेड़ो, वन संपदाओं को उजाड़ने में जुटे है अतिक्रमण कारी। चारा गाह भूमि पर कब्जा कर रहे अतिक्रमण करियो को रोक पाने में नाकाम पर्यावरण प्रेमी ग्रामीण भी मौन दर्शक बने होने को विवश हैं। पूर्व सरपंच अनिता यादव का मानना है कि अकेले करनीकोट गांव की 219.41 हैक्टेयर भूमि चारागाह की है। ग्रामपंचायत के ही गांव मुण्डनवाडा खुर्द की चारागाह भूमि पर जिले की सबसे बड़ी बाबा खेतानाथ गौशाला संचालित है। जिसके उपयोगार्थ पूर्व की ग्रामपंचायत द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र भी गौशाला संचालकों को सौप दिया था। अपनी पुस्तैनी खेती की बर्बादी को बचाने की सोच को लेकर ही बनी गौशाला के संचालन में सहयोग देने की बजाय उसके उपयोगार्थ गोचर भूमि पर ही अतिक्रमण को बढ़ावा देना आमजन को आहत पहुंचाने वाला कदम है। गौरतलब है कि साबी नदी में दूर तक बालू रेत होने के चलते वन विभाग द्वारा 90 के दशक में पौधरोपण कर हजारों पौधे तैयार कर बालू रेत में हरियाली लाने का काम किया था। परंतु वर्तमान में जमीन की चाह में अतिक्रमण कारी हरे पेड़ो व वन संपदा को बर्बाद करने पर तुले होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन व ग्रामपंचायत कुम्भकर्णीय नींद सोता प्रतीत हो रहा है। जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मुण्डावर तहसीलदार रोहिताश्व पारीक का कहना है कि गोचर भूमि पर हल चलाने वाले व हरे पेडों को उखाड़ने वालो की हल्का पटवारी से रिपोर्ट मंगवाकर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।जबकि समय बीतते जाने के साथ बढते अतिक्रमण को रोकना ही स्थानीय प्रशासन मुनासिब नही समझ रहा है। जिसपर आसपास के 42 गांवो के किसान व गोभक्त आक्रोशित है।

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